बेहतर बिजली आपूर्ति का सीधा फायदा खेती, डेयरी, कोल्ड स्टोरेज और कुटीर उद्योगों को मिला है. गांवों में स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार आया है.
सरकार का लक्ष्य 2029 तक प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है. यह बजट जनसंख्या को उत्पादक जनशक्ति में बदलने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2,104 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और अगले पांच वर्षों में सौर, जैव ऊर्जा व ग्रीन हाइड्रोजन के जरिए 22,000 मेगावॉट उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत इस परियोजना से उज्जैन में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था मजबूत होगी और हर घर तक पानी पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के बेहतर प्रबंधन से पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ेगा.
इसके साथ ही 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है. इसके लिए राज्य के 25 जिला पदाधिकारियों को पत्र भेजकर जमीन चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.