उज्जैन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कालिदास अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में 1,133.67 करोड़ रुपये की हरियाखेड़ी जल आवर्धन परियोजना का भूमिपूजन किया. साथ ही 47.23 करोड़ रुपये के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया. उन्होंने सिंगल क्लिक के माध्यम से मातृ एवं शिशु पोषण से जुड़े ‘प्रोजेक्ट संवर्धन’ की भी शुरुआत की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत इस परियोजना से उज्जैन में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था मजबूत होगी और हर घर तक पानी पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के बेहतर प्रबंधन से पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ेगा.
डॉ. यादव ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को नमन करते हुए कहा कि सरकार अंत्योदय के मार्ग पर चलते हुए गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रही है. उन्होंने बताया कि उज्जैन में आयुर्वेद का धनवंतरी इंस्टीट्यूट खोला जाएगा, जिससे आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा को बढ़ावा मिलेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित कर रही है और उज्जैन सहित कई धार्मिक शहरों में शराबबंदी लागू की गई है. युवाओं और महिलाओं को रोजगार देने के लिए उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन आएंगे. घाटों, पुलों और सड़कों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. अगले महीने गीता भवन का लोकार्पण और उज्जैन-इंदौर फोर लेन रोड का भूमिपूजन भी किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी कार्य उज्जैन के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे.
