विपक्षी दलों की एकजुटता दिखाने वाली रैली में 2 दर्जन नेता पहुंचे, सभी ने सिर्फ और सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की बात कही.
महागठबंधन में शामिल होने वाली पार्टियां शनिवार को कोलकाता में हो रही ममता बनर्जी की रैली छोड़ेंगे या फिर सिर्फ अपना प्रतिनिधि भेज कर अपनी हाजिरी लगा देंगे.
राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'