उत्तर प्रदेश में इस बात की चर्चा लंबे समय तक चलती रही कि कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा होगी. लेकिन सीटों के बंटवारे पर असहमति की वजह से ऐसा नहीं हो पाया.
रिसर्च कंपनी एडएक्स के अनुसार, इस साल जनवरी से मार्च के बीच तमाम संचार माध्यमों में राजनीतिक विज्ञापनों की उपस्थिति 2014 के मुकाबले काफी कम रही है. सिर्फ रेडियो पर विज्ञापन बढ़े हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष ने शनिवार को दिल्ली कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कान्फ्रेंस कर पीएम मोदी को जमकर निशाने पर लिया और बेरोजगारी को देश का सबसे बड़ा मुद्दा बताया.
मोदी सरकार अरविंद केजरीवाल के साथ जो कर रही है, वह गलत है. लेकिन क्या मोदी सरकार कभी अस्तित्व में आती, अगर केजरीवाल और उनके 'इंडिया अगेंस्ट करप्शन' आंदोलन ने UPA को तबाह न किया होता?