महाराष्ट्र की 48 लोकसभा सीटों में से 17 पर पहले और दूसरे चरणों में क्रमश: 11 अप्रैल और 18 अप्रैल को हुए मतदान में प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो चुकी है.
बेगूसराय में महागठबंधन से तनवीर हसन, सीपीआई से कन्हैया कुमार और भाजपा से गिरिराज सिंह आमने-सामने हैं. यह केवल चुनाव ही नहीं बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई है.
शाह संघवी हाईस्कूल में बीजेपी के बूथ प्रभारी थे, उनके कनिष्ठ सहयोगी आडवाणी की जीत सुनिश्चित कराने के लिए उनके द्वारा की गई कड़ी मेहनत को याद कर रहे हैं.
हिमाचल के सेब उत्पादक किसानों ने 22 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है. उन्हें डर है कि कांग्रेस और भाजपा के चुनाव अभियानों में राष्ट्रीय मुद्दों के हावी होने के कारण उनकी समस्याओं को भुला दिया जाएगा.
आम चुनाव की ग्राउंड रिपोर्टिंग में दिप्रिंट की टीम को बेगूसराय में राजनीति के कई रंग दिखे. जेएनयू में 'आजादी' के नारों पर विवाद यहां बहस के केंद्र में है.