चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में अमित शाह के रोड शो के दौरान हिंसा के बाद बुधवार दिनभर बीजेपी व टीएमसी के बीच चले आरोप-प्रत्यारोप के मद्देनजर कड़ा कदम उठाया है.
आखिरी चरण के चुनाव करीब आते ही बसपा सुप्रीमो ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. पिछले दिनों से वह लगातार प्रधानमंत्री मोदी पर सीधे निशाना साध रही हैं.
बीजेपी अध्यक्ष शाह ने बुधवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर जमकर आरोप लगाये. वहीं मामले में तृणमूल कांग्रेस ने भी एफआईआर दर्ज कराया है और चुनाव आयोग शिकायत करने पहुंची है.
पंजाब में कांग्रेस प्रभावशाली स्थिति में है. यहां लोकसभा चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जा रहा है. अब देखना मजेदार होगा कि आप और भाजपा कैसे गेम बदलती है.
ये पहली बार नहीं कि ममता बनर्जी ने अभिव्यक्ति की आज़ादी को दरकिनार कर अपने खिलाफ लिखने, बोलने वालों को सज़ा न दिलवाई हो. आइए जानें, कब कब ममता का गुस्सा फूटा.
जब वामपंथी दल आक्रामक तरीके से हिंदू वोटों में सेंध लगा रहे हैं, तो बीजेपी के लिए तुरंत फायदा अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने में हो सकता है, उससे पहले कि वह अपना दायरा और फैलाए.