सुप्रीम कोर्ट से रविवार को ही महाराष्ट्र विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने की मांग खारिज होने के बाद शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी अपने विधायकों के खरीद-फरोख्त से डरी हुई हैं.
देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अब बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट होना है. विपक्षी दल अपने विधायकों को तोड़े जाने से डरे हुए हैं.
एक अन्य महत्वपूर्ण घटना में, भाजपा सांसद संजय काकडे और एनसीपी नेता जयंत पाटिल, छगन भुजबल और बबन शिंदे ने सुबह शरद पवार से यहां उनके आवास पर मुलाकात की.
राउत ने दावा भी किया कि उनके गठबंधन के पास बहुमत साबित करने के लिए 165 विधायकों का समर्थन है. भाजपा अपने ही खेल में फंस गई है. ये उनके अंत की शुरुआत है.