दलित को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस ने अपने विरोधियों पर बढ़त बना ली है वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि देश की राजनीति में जातिगत समीकरण के महत्व को देखते हुए कांग्रेस के लिए एक दलित को शीर्ष पद से हटाना आसान नहीं होगा.
सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता पर बल देते हुए चन्नी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लोगों की शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने का निर्देश दिया.
टी.एस. सिंह देव का कहना है कि वह एक 'निजी यात्रा' की वजह से दिल्ली में हैं. हालांकि उन्होने पिछले कुछ महीनों में कांग्रेस के नेताओं के साथ कई बैठकें की हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया है.
2022 चुनावों से पहले, कांग्रेस ने पंजाब के नए सीएम के तौर पर, दलित नेता चरणजीत सिंह चन्नी का चयन किया है. दिप्रिंट एक नज़र डालता है भारत के पिछले दलित मुख्यमंत्रियों पर.
शपथ ग्रहण करने के बाद अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में चरणजीत सिंह चन्नी से किसान आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा, केंद्र सरकार को केंद्रीय कृषि कानूनों को निरस्त करना चाहिए. उन्होंने कैप्टन अमरिंदर को भी याद किया.
कोल्हापुर जाने के लिए रविवार रात मुंबई में महालक्ष्मी एक्सप्रेस में सवार हुए सोमैया ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा, पुलिस ने मुझे कराड में निषेधाज्ञा के तहत रोका.
राज्य के किसान इनेलो से अलग हुए एक धड़े से बनी जेजेपी से नाराज चल रहे हैं, क्योंकि उसने कृषि कानूनों पर उनके आंदोलन के बावजूद सत्तारूढ़ भाजपा के साथ अपना गठबंधन जारी रखा है.
चन्नी पंजाब में मुख्यमंत्री बनने वाले दलित समुदाय के पहले व्यक्ति हैं. उनके साथ सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी ने मंत्री पद की शपथ ली जो राज्य के उप मुख्यमंत्री हो सकते हैं. रंधावा जट सिख और सोनी हिंदू समुदाय से आते हैं.
हैदराबाद, 31 जनवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पी. केशव ने शनिवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी)...