पंजाब की सत्ता हासिल करने के बाद आम आदमी पार्टी- जो 2015 से दिल्ली में सत्तासीन है- अब एकमात्र ऐसी गैर-कांग्रेसी, गैर-भाजपा पार्टी बन गई है जिसकी एक से ज्यादा राज्यों में सरकार होगी.
अरविंद केजरीवाल की पार्टी पंजाब में सरकार बनाती दिख रही है. दोपहर बाद तक, पंजाब की 117 सीटों में से 90 सीटों पर आप आगे चल रही है. दिल्ली में आप पहले से ही सत्ता में है.
अपना दल (सोनेलाल) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैदर अली खान, कांग्रेस के काजिम अली खान के बेटे हैं जो रामपुर के नवाब हैं और स्वयं रामपुर सीट पर आजम खान से पीछे चल रहे हैं.
शुरुआती रुझानों के साथ ही इस बात को लेकर पंजाब के राजनीतिक हलकों में अटकलों का दौर तेज हो गया था कि कैप्टन अमरिंदर यहां से आगे कहां जाएंगे और क्या यही वह मुकाम है जहां पर आकर राजनेता के तौर पर उनका करियर खत्म हो जाएगा.
पार्टी नेतृत्व खासकर पंजाब में प्रदर्शन को देखते हुए साल के अंत में दो राज्यों- गुजरात और हिमाचल प्रदेश- के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2024 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भी रणनीतिक बदलाव पर विचार कर सकता है.
UP में पार्टी का प्रदर्शन, जहां पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में इसका एक मज़बूत आधार माना जाता है, 2017 के विधान सभा चुनावों में इसके प्रदर्शन से काफी दूर है.
अवामी लीग को अभी इस सवाल का जवाब नहीं चाहिए कि हसीना के बाद कौन होगा या यह बहस कि हसीना को बांग्लादेश लौटना चाहिए या नहीं, बल्कि ज़मीन पर नया नेतृत्व चाहिए.