शिवसेना के बागी विधायकों द्वारा महाराष्ट्र सरकार के लिए संकट पैदा कर दिया गया है. ऐसे में एकनाथ शिंदे ने उन विधायकों के खिलाफ विधानसभा उपाध्यक्ष द्वारा अयोग्यता नोटिस जारी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.
पिछले हफ्ते हुए महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव में एआईएमआईएम के दो विधायकों ने कांग्रेस और एनसीपी उम्मीदवारों को वोट दिया था. जानकारों का कहना है कि पार्टी भाजपा की बी-टीम के तौर पर बनी अपनी छवि बदलने की कोशिश कर रही है.
शिवेसना के मुखपत्र 'सामना' में एक संपादकीय में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले पार्टी के बागी विधायकों पर आरोप लगाया गया है कि वे 50-50 करोड़ रुपये में 'बिक' गए हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कि असली समस्या विधानसभा में आंकड़ों के खेल की नहीं है. बल्कि यह है कि अयोग्यता से बचने के लिए उन्हें या तो भाजपा में विलय करना होगा या फिर यह साबित करना होगा कि उनका घटक ही असली शिवसेना है.
म्यूनिख में भारतीय प्रवासी समुदाय के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी सरकार द्वारा घोषित 'आपातकाल' का जिक्र करते हुए भारतीय लोकतंत्र की सराहना की.
श्योपुर, 26 मार्च (भाषा) लोकप्रिय टेलीविजन कार्यक्रम ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में प्रतिभागी के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करने वाली एक महिला...