Saturday, 2 July, 2022
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बिहार में महागठबंधन ने अग्निपथ योजना को वापस लेने की मांग के साथ विरोध मार्च निकाला

इस दौरान मार्च में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी मौजूद रहीं.

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नई दिल्ली: बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) समेत लेफ्ट पार्टियों ने मिलकर ‘अग्निपथ’ योजना को वापस लेने की मांग को लेकर पटना विधानसभा से लेकर राजभवन तक का विरोध मार्च निकाला. इस दौरान मार्च में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी मौजूद रहीं.

आरजेडी के प्रमुख तेजस्वी यादव ने इस दौरान कहा कि मोदी सरकार ‘अग्निपथ’ के जरिए युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रही है.

यादव ने कहा, ‘अग्निपथ’ के माध्यम से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. जिन लोगों की केवल भर्ती रह गई थी, अब उनको फिर से सारी प्रक्रिया करनी पड़ेगी. सबसे बड़ा सवाल है कि 4 साल बाद नौजवान क्या करेंगे? हम नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे.’

उन्होंने आगे कहा कि युवाओं की आवाज दुष्प्रचार और सरकारी प्रोपेगैंडा से दब नहीं सकती. सरकार लाख भ्रमित करे अग्निपथ योजना युवाओं और देश की सेना के लिए हानिकारक है और सदैव रहेगी.

यादव ने कहा कि यह योजना देश, सेना और युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर देगा और सेना को कमजोर बना देगा.

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जानकारी के लिए बता दें कि 14 जून को केंद्र सरकार की तरफ घोषित की गई इस योजना के खिलाफ बिहार में सबसे ज्यादा विरोध हुआ है.

वहीं हिंसक प्रदर्शनों के बारे में बात करते हुए आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा, ‘शांति की अपील प्रथम दिन से ही लालू यादव, तेजस्वी यादव और तमाम दलों ने की है. प्रदर्शन शांति पूर्ण होना चाहिए लेकिन युवाओं की भावना और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.’

पिछले कई दिनों से आरजेडी लगातार अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र सरकार को निशाना बना रही है. तेजस्वी ने शनिवार को कहा था कि योजना को लेकर युवाओं के मन में काफी शंकाएं हैं और इसे वापस लिया जाना चाहिए. उन्होंने सवाल किया था कि क्या यह शिक्षित युवाओं के लिए मनरेगा जैसी योजना है या फिर इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का कोई ‘गुप्त एजेंडा’ है.

उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पूरे मुद्दे पर चुप क्यों हैं. यादव ने यह भी कहा कि सरकार ‘वन रैंक, वन पेंशन’ की बात करती है लेकिन ऐसी योजना लेकर आई है, जिसमें ‘न रैंक है, न पेंशन’ है.


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