अप्रैल के चुनाव के लिए 19 मार्च को जारी उम्मीदवार सूची से 19 विधायकों को हटाए जाने के बाद पार्टी के पुराने नेता खुद को नज़रअंदाज़ महसूस कर रहे हैं. इनमें वरिष्ठ नेता अतुल बोरा, सिद्धार्थ भट्टाचार्य शामिल हैं.
‘कैप्टन खरात’ ने अपनी गिरफ़्तारी तक महाराष्ट्र के राजनीतिक दिग्गजों तक पहुंच बना रखी थी. राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है; वहीं महिला आयोग की प्रमुख पर ‘हितों के टकराव’ को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
अभिनेत्री रंजना नचियार जनवरी में विजय की TVK में शामिल हो गईं; उन्होंने पिछले साल फरवरी में, कथित हिंदी थोपे जाने को लेकर मतभेदों के चलते BJP छोड़ दी थी. तमिलनाडु में अगले महीने चुनाव होने हैं.
गोकुल सेतिया और मंजू चौधरी ने चंडीगढ़ में पार्टी दफ़्तर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा कि उनके नाम ग़लत तरीक़े से उन लोगों में शामिल किए जा रहे हैं, जिन्होंने क्रॉस-वोटिंग की है. हुड्डा ने दोनों विधायकों से मुलाक़ात की.
बोरदोलोई के जाने से कांग्रेस ने असम से अपने तीन लोकसभा सांसदों में से एक को खो दिया है, जिससे असम चुनावों से कुछ हफ़्ते पहले ही BJP को एक बड़ा बढ़ावा मिला है.
जो चुनाव दो सीटों के लिए एक सामान्य प्रक्रिया के रूप में शुरू हुआ था, वह रद्द बैलेट, चुनाव आयोग की जांच और वोटिंग पैटर्न के कारण आधी रात के ड्रामे में बदल गया, जिससे कांग्रेस असहज हो सकती है.