बिहार में BJP के वर्चस्व से बनी नई राजनीतिक व्यवस्था के बीच, निशांत कुमार का उपमुख्यमंत्री बनने से इनकार करना, उनके निजी संयम और JD(U) के भीतर बदलते सत्ता समीकरणों—दोनों को दर्शाता है.
TRS ने अक्टूबर 2022 में खुद को BRS के रूप में रीब्रांड किया. इसका मकसद देश भर में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक अपनी पहुंच बनाना था. यह कदम 2014 में तेलंगाना के गठन के बाद, पहली बार सरकार बनाने के 8 साल बाद उठाया गया.
नीतीश ने 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है. उनका कार्यकाल मिला-जुला रहा है—शुरुआत में विकास और कानून-व्यवस्था में सुधार पर ज़ोर दिया गया, लेकिन राज्य अभी भी प्रमुख मानवीय संकेतकों के मामले में पीछे है.
जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार ने 2025 में अपना पांचवां चुनाव जीता, जब एनडीए ने बिहार में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया और उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में 10वीं बार शपथ ली.
एक वायरल क्लिप में पूर्व TMC विधायक हुमायूं कबीर यह कहते हुए दिखाई दिए कि BJP के साथ उनकी 1,000 करोड़ रुपये की डील हुई है. इस क्लिप के सामने आने के बाद AIMIM ने उनकी पार्टी के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया है.
अक्टूबर 2025 में जब मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दिया गया था, तब 15.44 करोड़ मतदाता थे. EC ने अब अंतिम आंकड़े जारी किए हैं, जिनके अनुसार भारत के सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में मतदाताओं की संख्या 13.40 करोड़ है.
दिप्रिंट ने मुर्शिदाबाद, कूच बिहार, मालदा, नदिया, कोलकाता और नंदीग्राम का दौरा किया, जहां ममता के कुछ फ़ैसले उस समुदाय को रास नहीं आए हैं, जिसने पारंपरिक रूप से TMC का समर्थन किया है.
एजेंसी ने केजरीवाल के 'वैचारिक पूर्वाग्रह' के आरोप को खारिज करते हुए, आबकारी नीति मामले की सुनवाई से जज के हटने की उनकी अर्जी को 'पूरी तरह से परेशान करने वाली' करार दिया.