‘प्रतिबद्ध न्यायपालिका’ के बारे में मोदी का ज़िक्र हमें 1970 वाले दशक में ले जाता है जब इंदिरा गांधी की सरकार ने मुख्य न्यायाधीश के पद पर वरिष्ठतम जज को नियुक्त करने की मान्य परंपरा का दो बार उल्लंघन किया था.
‘एक देश, एक चुनाव’ से लेकर परिसीमन और केजरीवाल के राजनीतिक खात्मे की योजना तक, मोदी-शाह के पास 2029 के चुनाव के लिए कईं एजेंडा है, लेकिन बहुत कुछ 2024 के चुनावों में भाजपा की संख्या पर निर्भर करेगा.
इस यात्रा को भले ही ज़्यादा तवज्जो नहीं मिली, लेकिन इसने चुपचाप मोहब्बत की दुकान से एक कदम आगे बढ़कर अन्याय के शिकार अलग-अलग वर्गों के बीच दर्द का रिश्ता बना दिया जो भविष्य की राजनीति का आधार हो सकता है.
जहां श्रीलंका आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहीं हंबनटोटा को 99 साल के लिए चीन को पट्टे पर दिया जाना दिखाता है कि बीजिंग किस तरह से बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव को हथियार के रूप में प्रयोग कर रहा है.
कमांड की वैकल्पिक चेन बनाने से ही समस्या हल नहीं होने वाली है. परमाणु खतरे के चरम दौर और युद्ध में राजनीतिक कमान की सुरक्षा अनिवार्य है ताकि वह हालात का प्रभावी सामना कर सके.