कोलकाता की समस्याओं का समाधान नागरिक बुनियादी ढांचा, रोजगार, शिक्षा और आवास है, न कि केवल फुटपाथों को फेरीवालों से मुक्त करना. ममता टीएमसी के इतिहास से गलत सबक सीख रही हैं.
सीबीएसई के देश भर में 16 से ज़्यादा पूर्ण क्षेत्रीय कार्यालय हैं, जिनमें स्थायी कर्मचारी काम करते हैं. ये क्षेत्रीय कार्यालय परीक्षा के हर पहलू पर नज़र रखते हैं, परिवहन से लेकर परीक्षा केंद्रों के चयन, संरक्षकों, निरीक्षकों और मूल्यांकन तक.
मोदी-शाह शासन के दौरान किनारे कर दिए गए लोग अब अपनी जगह बनाने और अपनी आवाज बुलंद करने लगे हैं. और अभी तो यह शुरुआती दिन हैं. भाजपा को इन घटनाक्रमों का स्वागत करना चाहिए.
मोदी सरकार की तीसरी पारी में बदली हुई वास्तविकता उस पुराने सामान्य दौर की वापसी होगी, जब बहुमत वाली सरकारों को भी बेहिसाब बहुचर्चित बगावतों का बराबर सामना करना पड़ता था.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का चार्टर प्रवेश और भर्ती के लिए ‘उम्मीदवारों की योग्यता’ का आकलन करना है, लेकिन NEET और UGC-NET की आग ने इसकी खुद की योग्यता को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है.
न कोई सबूत है, और न कोई संकेत तक है कि ‘सवाल हल करने वाले गिरोहों’ या ‘चीटिंग माफिया’ के साथ एनटीए की कोई साठगांठ है. राजनीतिक दलों के सार्वजनिक बयान ‘नीट’ के पक्ष या विपक्ष में तर्क के बिंदु नहीं बन सकते
2024 के चुनाव में अगर सबसे बड़ा राजनीतिक व्यक्तित्व किसी का निर्मित हुआ है तो वे राहुल गांधी हैं. उन्होंने अपने को साधारण जनता का नेता और मोदी को कॉरपोरेट शक्तियों का नेता साबित किया. यही वो पक्ष है जिसके कारण हार की जीत और जीत की हार का मुहावरा दोहराया जा रहा है.