चुनाव मंत्री – माफ कीजिएगा, प्रधानमंत्री सच्चाई से वाबस्ता करना पसंद नहीं करते. उन्हें बॉलीवुड की कल्पनाएं, भ्रम के बुलबुले और साफ-सुथरे माहौल में सज धज कर फोटो खिंचवाना पसंद है.
आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों ने 2023-24 में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक उधार लेने के लिए अपने सोने के आभूषण गिरवी रखे, जो 2018-19 के मुकाबले लगभग पांच गुना अधिक है.
दूसरे चरण के चुनाव में BJP के भाग्य का फैसला बहुत कुछ कर्नाटक, राजस्थान और महाराष्ट्र में सीटों के लिए हुई चुनावी लड़ाई के नतीजों पर निर्भर है. पिछली बार बीजेपी ने इन राज्यों में बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन इस बार उसे तगड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
‘लहर’ वाले चुनाव के दौरान मतदाताओं का उत्साह चरम पर होता है. एक बेहतर भविष्य की उम्मीदें रहती हैं, कभी-कभी प्रतिशोध का भाव भी रहता है. इन सबके मद्देनज़र 2024 का चुनाव अप्रत्याशित रूप से मुद्दा विहीन चुनाव नज़र आ रहा है.
तिरुवनंतपुरम में राजीव चंद्रशेखर का मुकाबला शशि थरूर से है. वे खुद को एक ऐसे राज्य के लिए प्रचारित कर रहे हैं जिसने परंपरागत रूप से भाजपा के प्रति घृणा दिखाई है.
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.