हर दिन कुछ नई निराशाजनक सुर्खियां सामने आती हैं: रेल दुर्घटना, ढहता हुआ हवाई अड्डा, परीक्षा पत्र घोटाला. भाजपा अब केवल शासन के आधार पर वोट नहीं मांग सकती.
10 दिसंबर 1998 को, हाजीपुर के तत्कालीन सांसद लोकसभा में कहा था, 'अगर हम 'अल्पसंख्यक' शब्द की सही व्याख्या करना सीख लें, तो हममें यह भावना विकसित हो जाएगी कि हम जिनके खिलाफ लड़ रहे हैं, उनका खून भी हमारे ही जैसा है.'
'बे ऑफ ब्लड' दर्शकों को अपनी तरफ खींचने वाली डॉक्यूमेंट्री है, लेकिन अधूरी है. यह 1971 की कहानी के पूर्वी पाकिस्तान के हिंदुओं की टारगेटेड हत्याओं जैसे एक महत्वपूर्ण पहलू को नज़रअंदाज़ करती है.
अगर हम इस्लामी संस्कृति के हिस्से के रूप में हाथ के प्रतीक पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, तो यह मध्य पूर्वी मुसलमानों के बीच मौजूद है और इसे हिब्रू में हम्सा और अरबी में खम्सा कहा जाता है.
आंबेडकर के करीबी रहे दलित नेता बाबू हरदास लक्ष्मणराव नागरले द्वारा बनाए गए ‘जय भीम’ नारे ने कई दलित दलों का उत्कर्ष और पतन देखा और अब इसे गैर-दलित सांसद उस लोकसभा में उठा रहे हैं जिसमें बसपा का कोई सदस्य नहीं है.
भारत अपने पूरब में स्थित आर्थिक शक्तियों से जुड़ना चाहता है तो उसे एक ऐसी ही दुनिया बनने की कल्पना करनी चाहिए जैसी दुनिया 19वीं सदी के कोलकाता की थी. वैश्विक भारत केवल नौकरशाही वाली व्यवस्थाओं से नहीं बनेगा, उसके लिए कल्पना की परियोजना की ज़रूरत होगी.
स्वॉर्म ड्रोन के इस्तेमाल के बारे में सेना को विचार करना चाहिए. उनका इस्तेमाल धोखा देने, दुश्मन के रडारों या निगरानी यंत्रों पर बोझ डालने और उसे कीमती इंटरसेप्शन मिसाइलों को दागने पर मजबूर करने में किया जा सकता है.
ओवैसी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोट बैंक का ध्रुवीकरण करने में विफल रहे और इस नारे के साथ फिर से कोशिश कर रहे हैं. नूपुर शर्मा ने उनके झांसे में आ गईं, लेकिन उंगली उठाने से पहले उन्हें आत्मचिंतन करने की ज़रूरत है.