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Sunday, 22 March, 2026
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AI समिट ने दिखाया आज के भारत का सच—अव्यवस्था और लापरवाही की तस्वीर

इसमें कोई हैरानी नहीं कि बिल गेट्स ने AI समिट में भाषण नहीं दिया. यह आखिरी झटका हो सकता है.

तारिक रहमान सरकार डी-यूनुसिफिकेशन के मिशन पर है, यह भारत-बांग्लादेश संबंधों को ठीक करेगी

आगे चलकर, भारत और बांग्लादेश को यूनुस प्रशासन द्वारा द्विपक्षीय संबंधों को हुए नुकसान को ठीक करने के लिए दोगुनी कोशिश करनी होगी.

सोचिए अगर एपस्टीन फाइल्स में राहुल गांधी या MK स्टालिन का नाम होता, तब BJP और टीवी मीडिया क्या करते?

ये सवाल खत्म नहीं होने वाले हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ियां जानेंगी कि किसने कठिन सवाल पूछने से इनकार किया और किसने नहीं.

दालों में आत्मनिर्भरता या आयात पर निर्भरता? क्या मोदी भारत के किसानों को भूल गए

जब आधे उपभोक्ता कम-उत्पादक कृषि अर्थव्यवस्था में फंसे हों, तो उन्हें कृषि कीमतों के उतार-चढ़ाव के लिए और ज्यादा खुला छोड़ना अपराध जैसा होगा.

चीन के साथ भारत के बेहतर रिश्तों से बीजिंग-इस्लामाबाद संबंधों में बढ़ती दरार

155 अरब डॉलर पर, भारत-चीन व्यापार बीजिंग-इस्लामाबाद व्यापार से कम से कम सात गुना ज्यादा है, जो 23 अरब डॉलर है.

‘मोहम्मद’ दीपक और प्रभवती अम्मा: डर और चुप्पी के दौर में हिम्मत की नई मिसाल

दीपक और अम्मा के काम मायने रखते हैं. एक ऐसे देश में जहां सामूहिक लापरवाही जीने की रणनीति बन गई है, वहां किसी को ‘ना’ कहते देखना एक बड़ा बदलाव जैसा लगता है.

भारत के व्यापार समझौते मजबूत, लेकिन अंदर की नीतियां बन रही हैं बाधा

भारत निर्यात बढ़ाना चाहता है और दुनिया के व्यापार से ज्यादा जुड़ना चाहता है, लेकिन एक अहम सवाल पर कम चर्चा होती है.

राफेल डील, AI समिट, सेवा तीर्थ में क्या समान है? गीता के श्लोक 13.13 को देखिए

भगवद गीता का श्लोक 13.13 कैसे पिछले हफ्ते की कई घटनाओं को समझने में मदद करता है.

दिल्ली ब्लास्ट में पाकिस्तान लिंक से लेकर PM केयर्स तक—जानकारी देने में मोदी सरकार की बढ़ती हिचक

मोदी सरकार सच को सीमित रखने की प्रवृत्ति वाली पहली सरकार नहीं है. बस यह ज्यादा सतर्क और जानकारी देने में ज्यादा सावधान है.

हरियाणा मंत्री अनिल विज और एसपी के बीच टकराव: ऑल इंडिया सर्विसेज नियम 3 पर उठे सवाल

पब्लिक की फटकार से ज़िला पुलिस लीडरशिप की इमेज कमज़ोर होती है. SP कोई पर्सनल स्टाफ़ ऑफ़िसर नहीं होता.

मत-विमत

‘विश्वगुरु’ बनने का हमारा-आपका भ्रम, दुनिया को देखने की समझ बिगाड़ रहा है

एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.

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प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व जल दिवस पर पानी की एक-एक बूंद के संरक्षण की अपील की

नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर पृथ्वी के भविष्य को आकार देने वाले...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.