हिंदुओं की हालत पर आरएसएस और भाजपा के इस मौन की तुलना डॉ. हेडगेवार की चिंताओं, वक्तव्यों से करें. तब साफ दिखाई पड़ेगा कि आरएसएस केवल अपने लाभ-हानि के हिसाब में डूबा रहा है.
ड्रोन आतंकवाद से निपटने की भारत की चुनौती सिर्फ तकनीक की नहीं, बल्कि सोच और संस्थाओं की भी है. असली समस्या यह है कि इसे हवाई सुरक्षा के लिए एक पूरी और गंभीर चुनौती के रूप में अब तक ठीक से पहचाना नहीं गया है.
रूस की क्रांति से भारत की राजनीति तक, कम्युनिज्म ने शोषण-मुक्त समाज का सपना दिखाया. सौ साल बाद वही विचारधारा क्यों बौद्धिक म्यूजियम की वस्तु बन चुकी है.
इस साल मैंने नेशनल इंट्रेस्ट में जो लेख लिखे उनमें आपमें से कई को कुछ-न-कुछ गलत ज़रूर लगा होगा. मैं आपसे असहमत हो सकता हूं, लेकिन कुछ के लिए अपनी गलती कबूल करनी चाहिए. इस हफ्ते मैं उनमें से जो सबसे ताज़ा है उसकी बात करूंगा.
दिल्ली हाई कोर्ट ने न तो रेप पर सवाल उठाए और न ही उन अपराधों में कुलदीप सेंगर की दोषिता पर, जिनके लिए उसे सज़ा मिली है—इस वजह से उसकी सज़ा को निलंबित किया जाना और भी डरावना लगता है.
शब्दों की ‘तकनीकी’ पुनर्परिभाषा एक खामी बन सकती है. निचली पहाड़ियां और उन्हें जोड़ने वाली संरचनाएं—जो अक्सर पारिस्थितिकी के लिहाज़ से बेहद अहम होती हैं, उनको गैरज़रूरी मानकर नज़रअंदाज किए जाने का खतरा है.
दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.