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Sunday, 1 March, 2026
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श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान से सबक: अगर आपको धैर्य नहीं, तो आप लोकतंत्र के काबिल नहीं

श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन को सहजता से अंजाम दिया गया, जबकि बांग्लादेश में इसके विपरीत सत्तासीन नेता को देश छोड़ने पर मजबूर किया गया और ऐसे अ-राजनीतिक लोगों ने कमान थाम ली जो चुनाव जीतने के भी काबिल नहीं हैं.

जम्मू-कश्मीर चुनाव कई कारणों से ऐतिहासिक हैं — अनुच्छेद-370 उनमें से एक है

अनुच्छेद-370 को हटाए जाने को लेकर कुछ हलकों में गहरा असंतोष है, लेकिन चुनावों का बहिष्कार करने के बजाय इसने कश्मीरियों को मतदान करने के लिए प्रेरित किया है.

CM ममता का प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के साथ टकराव एक सबक है — अब वे एक असफल मुख्यमंत्री हैं

पिछले 42 दिनों की हड़ताल के दौरान, जूनियर डॉक्टरों को कोलकाता और उसके बाहर के लोगों से अभूतपूर्व समर्थन मिला और सीएम ममता बनर्जी की ओर से बहुत कम रियायतें दी गईं.

भारत से तुलना करके खामेनेई गाज़ा के दर्द को कमतर आंक रहे हैं, उन्हें अपने गिरेबान में झांकने की ज़रूरत

इसमें कोई संदेह नहीं है कि खामेनेई इस तरह के भ्रामक ट्वीट के जरिए कुछ मुस्लिम समुदायों के साथ कम समय में राजनीतिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं, यह एक ऐसा खेल है जिसमें वे नए नहीं हैं.

येचुरी, नूरानी के निधन से पता चलता है कि मोदी ने राजनीतिक विचारधारा को इंदिरा से अधिक बदला है

नरेंद्र मोदी ने पुराने वामपंथियों और दक्षिणपंथियों को एक साथ ला दिया है. कभी कट्टर वैचारिक विरोधी रहे लोग हाथ मिला चुके हैं और भारत के अपने दृष्टिकोण को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

चुनाव से पहले प्रधानमंत्री के तोहफे से हैरान मत होइए, ईंधन की कीमतों में इसी तरह हेराफेरी होती है

तेल की कीमतें जून 2022 की तुलना में लगभग 40% कम हैं, जब ईंधन की कीमतें प्रभावी रूप से स्थिर थीं; फिर भी, उपभोक्ताओं को इस कमी से कोई लाभ नहीं हुआ है.

अरविंद केजरीवाल की ज़मानत उन्हें निर्दोष नहीं बनाती, नैतिक और राजनीतिक सवाल अब भी बरकरार

यहां असलियत यह है कि केजरीवाल की ज़मानत उतनी ही अस्थायी है, जितना उसके इर्द-गिर्द का जश्न.

बलात्कार सिर्फ बंगाल की समस्या नहीं; सरकार, समाज, पुलिस, कोर्ट सबके लिए खतरे की घंटी

आगे का रास्ता मसले की गंभीरता के एहसास, सार्थक सुधारों को लागू करने और सभी भेदभाव से उठकर सबको सम्मान और न्याय देने की संस्कृति को बढ़ावा देकर ही निकल सकता है.

PM मोदी और अमित शाह को राष्ट्रीय हित में श्रीनगर में BJP के CM की योजना को क्यों टाल देना चाहिए

आठ अक्टूबर को विधानसभा चुनाव में कोई भी जीते या हारे, कश्मीरियों को निराशा ही हाथ लगेगी.

राहुल गांधी पूरी तरह से भ्रमित हैं, सिखों पर उनकी टिप्पणी इसे साबित करती है.

यह राहुल गांधी के अहंकार और अपने देशवासियों के प्रति उनकी अवमानना ​​को दिखाता है कि वे मानते हैं कि भारत जैसे विविधतापूर्ण और विशाल देश को उनके परिवार की सोच के अधीन किया जा सकता है.

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झारखंड: गढ़वा में एक लड़के की हत्या के आरोप में एक व्यक्ति और उसका बेटा गिरफ्तार

गढ़वा, एक मार्च (भाषा) झारखंड के गढ़वा जिले में तीन-वर्षीय एक बच्चे की जहर देकर हत्या करने के आरोप में एक व्यक्ति और उसके...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.