अगर हम इस्लामी संस्कृति के हिस्से के रूप में हाथ के प्रतीक पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं, तो यह मध्य पूर्वी मुसलमानों के बीच मौजूद है और इसे हिब्रू में हम्सा और अरबी में खम्सा कहा जाता है.
आंबेडकर के करीबी रहे दलित नेता बाबू हरदास लक्ष्मणराव नागरले द्वारा बनाए गए ‘जय भीम’ नारे ने कई दलित दलों का उत्कर्ष और पतन देखा और अब इसे गैर-दलित सांसद उस लोकसभा में उठा रहे हैं जिसमें बसपा का कोई सदस्य नहीं है.
भारत अपने पूरब में स्थित आर्थिक शक्तियों से जुड़ना चाहता है तो उसे एक ऐसी ही दुनिया बनने की कल्पना करनी चाहिए जैसी दुनिया 19वीं सदी के कोलकाता की थी. वैश्विक भारत केवल नौकरशाही वाली व्यवस्थाओं से नहीं बनेगा, उसके लिए कल्पना की परियोजना की ज़रूरत होगी.
स्वॉर्म ड्रोन के इस्तेमाल के बारे में सेना को विचार करना चाहिए. उनका इस्तेमाल धोखा देने, दुश्मन के रडारों या निगरानी यंत्रों पर बोझ डालने और उसे कीमती इंटरसेप्शन मिसाइलों को दागने पर मजबूर करने में किया जा सकता है.
ओवैसी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोट बैंक का ध्रुवीकरण करने में विफल रहे और इस नारे के साथ फिर से कोशिश कर रहे हैं. नूपुर शर्मा ने उनके झांसे में आ गईं, लेकिन उंगली उठाने से पहले उन्हें आत्मचिंतन करने की ज़रूरत है.
कोलकाता की समस्याओं का समाधान नागरिक बुनियादी ढांचा, रोजगार, शिक्षा और आवास है, न कि केवल फुटपाथों को फेरीवालों से मुक्त करना. ममता टीएमसी के इतिहास से गलत सबक सीख रही हैं.
सीबीएसई के देश भर में 16 से ज़्यादा पूर्ण क्षेत्रीय कार्यालय हैं, जिनमें स्थायी कर्मचारी काम करते हैं. ये क्षेत्रीय कार्यालय परीक्षा के हर पहलू पर नज़र रखते हैं, परिवहन से लेकर परीक्षा केंद्रों के चयन, संरक्षकों, निरीक्षकों और मूल्यांकन तक.
मोदी-शाह शासन के दौरान किनारे कर दिए गए लोग अब अपनी जगह बनाने और अपनी आवाज बुलंद करने लगे हैं. और अभी तो यह शुरुआती दिन हैं. भाजपा को इन घटनाक्रमों का स्वागत करना चाहिए.
मोदी सरकार की तीसरी पारी में बदली हुई वास्तविकता उस पुराने सामान्य दौर की वापसी होगी, जब बहुमत वाली सरकारों को भी बेहिसाब बहुचर्चित बगावतों का बराबर सामना करना पड़ता था.