हमें निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इतनी दूर जाने की ज़रूरत नहीं है. यूपीएससी की कोशिश बेहतर कारणों से होनी चाहिए, न कि बहिष्कार, हाशिए पर जाने या विशेषाधिकारों की इच्छा से.
भाजपा की योजना पश्चिम बंगाल को इस तरह से विभाजित करने की है कि ममता बनर्जी के तथाकथित मुस्लिम वोट बैंक में बिखराव हो और उसे चुनाव जीतने में मदद मिले. अच्छी खबर यह है कि बंगाल भाजपा में मतभेद है.
मध्यम वर्ग, हालांकि, काफी हद तक भाजपा के प्रति वफादार है, अब उसके पास दूसरे विकल्प हैं. बजट 2024 पर नाराज़गी भरी प्रतिक्रिया से पता चलता है कि वे कैसे विश्वासघात महसूस करते हैं.
चीन क्वॉड में भारत और ऑस्ट्रेलिया के योगदान को कमतर आंकता है, लेकिन कहानी यह बताती है कि ये देश अपने द्विपक्षीय मुद्दों को सुलझाने को लेकर ज़्यादा चिंतित हैं.
उन्होंने राज्य-व्यवस्था को कौटिल्य के ‘अर्थशास्त्र’ के वैचारिक चश्मे से या मेकियावली की किताब ‘द प्रिंस’ या वेबर की पदानुक्रम वाली व्यवस्था या सर्वहारा की तानाशाही की मार्क्सवादी अवधारणा के नहीं बल्कि राज्य-व्यवस्था के कार्यों के नजरिए से देखा
संजीव चोपड़ा
मोदी सरकार ने इस बजट और इसके संकेतों में जो गलती की है, वह यह है कि वह अपने आम तौर पर आशावादी संदेश, ‘भारत उन्नति कर रहा है, विकास और तेज होगा, बाजार बहुत गर्म हैं’ से दूर चली गई है.
इस बजट की कोई कमजोरी है तो यह कि वह कोई आर्थिक संदेश नहीं दे रहा है. आर्थिक सुधारों पर कोई बड़ा बयान नहीं; निजीकरण, विनिवेश का कोई जिक्र नहीं; न करों में कोई बड़ी छूट, प्रोत्साहनों और विनियमन को लेकर कोई कदम नही.
अमेरिका भारत की चिंताओं को दूर करे और भारत पर उंगली उठाने से पहले उन उपदेशों पर खुद अमल करे जो वह दूसरों को देता है. रणनीतिक स्वायत्तता कई कारणों से भारत के हित में है
‘सीडीएस’ और तीनों सेनाध्यक्ष तत्काल और बड़ा कदम यह उठा सकते हैं कि वह सेवा अवधि की लंबाई के बारे में एक फैसला करें. इसके लिए चार साल की सेवा अवधि खत्म होने का इंतजार करने की ज़रूरत नहीं है.