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Sunday, 1 March, 2026
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‘मैं हैरान हूं’ — ईरानी महिला आहू दरयाई के हिजाब विरोध का भारतीय ‘उदारवादी’ क्यों नहीं कर रहे समर्थन

एक तरफ तानाशाही के खिलाफ लड़ाई है, दूसरी तरफ ‘उदारवादी’ मुस्लिम महिलाएं हैं जिन्हें सहयोगी माना जाता है. दुख की बात है कि बहस को कमज़ोर करने से मूल मुद्दे से ध्यान भटक जाता है.

ट्रूडो अपने ही घर के पीछे सांपों को पाल रहे हैं, कनाडा में गुमराह सिख भ्रम का शिकार हो रहे

अपने ही घर के पीछे सांपों को देखकर आंखें मूंदकर ट्रूडो अपने देश, अपने लोगों और पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी आपदा की तैयारी कर रहे हैं.

शी भारत को बताना चाहते थे कि शक्ति के असंतुलन से क्या होता है, हमें इससे सीख लेकर सैन्य बजट बढ़ाना चाहिए

हम अपनी सेना के बारे में बोलते बहुत कुछ हैं पर उतना खर्च नहीं करते जितना करना चाहिए. रक्षा खर्च दोगुना करने की जरूरत नहीं, लेकिन सैन्य बजट में मौजूदा गिरावट की प्रवृत्ति को बदलना होगा.

पाकिस्तान एक खतरनाक सांप्रदायिक खेल खेल रहा है, शिया-विरोधी चरमपंथी भावना जोर पकड़ रही है

ईरान का लक्ष्य सांप्रदायिक विभाजन से ऊपर उठना है. यह दृष्टिकोण मुस्लिम हितों के लिए एक नेता के रूप में देखे जाने के पाकिस्तान के लंबे समय से चले आ रहे लक्ष्य पर दबाव डाल सकता है.

भारतीय राजनीति 2014 से पहले के दौर में लौट रही है, ब्रांड मोदी और भाजपा के लिए इसके क्या मायने हैं

भाजपा महाराष्ट्र और झारखंड में जीत भी सकती है, लेकिन 2014 से पहले की राजनीति में वापस जाने से ब्रांड मोदी को नुकसान होगा.

सीमा विवाद पर समझौते से पलट भी सकता है चीन, इसलिए भारत को रहना होगा चौकन्ना

ताज़ा घटनाओं को हमें कथनी और करनी में छत्तीस का आंकड़ा रखने की चीन की पुरानी चाल के मद्देनज़र पूरी सावधानी बरतते हुए ही आंकना होगा, चाहे ये घटनाएं कितनी अच्छी क्यों न दिखती हों.

प्रियंका गांधी की वायनाड की कहानी कई मोड़ ले सकती है – सफलता, खौफ, INDIA के लिए मनोरंजन

अब जब राहुल का फॉर्मूला विफल होता दिखाई दे रहा है, तभी सोनिया गांधी ने प्रियंका को राजनीति में पदार्पण की अनुमति दी है.

2024 में 99 सीटें जीतना कांग्रेस के वजूद के लिए खतरा है, पार्टी को अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत है

उत्तर प्रदेश में सपा को आसानी से दी गई छूट, और महाराष्ट्र तथा झारखंड के मामले में काँग्रेस के ज्यादा व्यावहारिक रुख से जाहिर होता है कि उसे यह एहसास हो गया है कि उसने पिछले आम चुनाव के नतीजों को अपने लिए कुछ ज्यादा ही अनुकूल मान लिया था.

‘जिगरा’ आधुनिक भारत की उलझन को दिखाती है: जब नैतिकता के बिना भी कामयाबी मिल सकती है, तो इसकी क्या जरूरत है

भारत में नैतिकता कोई व्यक्तिगत और स्वनिर्मित अवधारणा नहीं है. यह ऐसी चीज़ है जो अक्सर इस बात से प्रभावित होती है कि समाज हमें क्या सिखाता है, हमसे क्या अपेक्षित है और धार्मिक व्यवस्थाएं क्या लागू करती हैं.

बांग्लादेश में अशांति अभी समाप्त नहीं हुई, यह भारत के लिए अच्छे संकेत नहीं

जिन लोगों ने शेख हसीना को महज़ 80 दिन पहले सत्ता से बेदखल किया था, उनके लिए शेख हसीना पर राष्ट्रपति मोहम्मद शाहबुद्दीन का बयान आखिरी बात थी जिसे वह सुनना चाहते थे.

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पटना में कई आपराधिक मामलों में वांछित अपराधी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार

पटना, एक मार्च (भाषा) पटना के पीरबहोर इलाके में कई आपराधिक मामलों में वांछित एक अपराधी को संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.