इंडोनेशिया, मलेशिया, तुर्की, श्रीलंका इस्लाम या बौद्ध धर्म की प्रमुखता के बावजूद संवैधानिक, लोकतांत्रिक और स्थिर व्यवस्था में कैसे बने रहे लेकिन पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार ऐसा क्यों नहीं कर पाए?
भारतीय महिलाएं अक्सर परिवार के बाकी सदस्यों द्वारा पौष्टिक भोजन खा लेने के बाद सबसे आखिर में खाना खाती हैं. इससे पीढ़ी दर पीढ़ी एनीमिया का चक्र चलता रहता है.
मेरिल स्ट्रीप के भाषण से एक महत्वपूर्ण सबक यह लिया जा सकता है कि पश्चिम में एक शक्तिशाली महिला अपने प्रभाव का इस्तेमाल उत्पीड़न का शिकार मुस्लिम महिलाओं के उत्थान के लिए कर सकती है.
जब पुलिस को दोषी ठहराए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मारने देने का सिद्धांत मध्यम वर्ग के लोगों की हत्या तक विस्तृत हो जाता है, तो जनता की प्रतिक्रिया अचानक बहुत अलग हो जाती है.
हाल ही में ईएसी-पीएम के वर्किंग पेपर से पता चला है कि देश के जीडीपी में योगदान के मामले में दक्षिणी राज्यों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है. नई दिल्ली से रियायतों और नीतिगत समर्थन के इतिहास ने इसमें अहम भूमिका निभाई है.
श्रीलंका में सत्ता परिवर्तन को सहजता से अंजाम दिया गया, जबकि बांग्लादेश में इसके विपरीत सत्तासीन नेता को देश छोड़ने पर मजबूर किया गया और ऐसे अ-राजनीतिक लोगों ने कमान थाम ली जो चुनाव जीतने के भी काबिल नहीं हैं.
अनुच्छेद-370 को हटाए जाने को लेकर कुछ हलकों में गहरा असंतोष है, लेकिन चुनावों का बहिष्कार करने के बजाय इसने कश्मीरियों को मतदान करने के लिए प्रेरित किया है.
पिछले 42 दिनों की हड़ताल के दौरान, जूनियर डॉक्टरों को कोलकाता और उसके बाहर के लोगों से अभूतपूर्व समर्थन मिला और सीएम ममता बनर्जी की ओर से बहुत कम रियायतें दी गईं.
इसमें कोई संदेह नहीं है कि खामेनेई इस तरह के भ्रामक ट्वीट के जरिए कुछ मुस्लिम समुदायों के साथ कम समय में राजनीतिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं, यह एक ऐसा खेल है जिसमें वे नए नहीं हैं.