हम ‘दुश्मन (मुस्लिम) के दुश्मन (यहूदी) को अपना दोस्त मानने’ की आम नीति के नजरिए से देखने के लालच से बचें. जिसे हम इस्लामी दुनिया कहते हैं उसकी हकीकत भी बदल चुकी है और भारत के साथ उसका समीकरण भी बदल चुका है.
सियासत, व्यवसाय के माहौल से उनकी निराशा, उद्यमशीलता से लेकर टेक्नोलॉजी और विमानन के मामले में उनके प्रेरक विचारों, और दान-परोपकार आदि पर हुई बातों के बीच हमने पाया कि हम दोनों को डॉग्स को पैट बनाने का शौक है.
नेता का करिश्मा बेशक पार्टी को भारी बढ़त दिलाता है, लेकिन हरियाणा में भाजपा की जीत चुनाव प्रचार की कला, उसके विज्ञान और उसकी इंजीनियरिंग आदि में उसकी महारत का पुरस्कार ही है. कश्मीर में शांतिपूर्ण चुनाव और उसमें व्यापक भागीदारी में भी उसकी जीत ही छिपी है.
भाजपा के पास संसाधनों की भरमार है और वह जीतने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. कांग्रेस को अपने सामने आने वाली चुनौतियों को पहचानने और समझने की ज़रूरत है कि केवल इंडिया गठबंधन ही इस चुनौती का सामना कर सकता है.
मेरा आकलन यह है कि भारतीय सेना उभरती टेक्नोलॉजी को पूर्ण परिवर्तन की खातिर नहीं बल्कि चरणबद्ध बदलाव के लिए अपना रही है, जबकि पूर्ण परिवर्तन वक़्त की मांग है
इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर ने हिजबुल्लाह के एक नेता को सम्मानित करना उचित समझा, जिसे कई अरब देशों द्वारा आधिकारिक तौर पर आतंकवादी संगठन के रूप में नामित किया गया है.
भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इसकी राष्ट्रीय पहचान का एक महत्वपूर्ण घटक है. देश में कलाकृतियों की फिर से वापसी और वैश्विक सहयोग की दिशा में चल रहे प्रयास भविष्य के लिए आशा का प्रतीक हैं.
सुरक्षा परिषद की विफलताओं का मूल कारण इसके पांच स्थायी सदस्यों की बेहिसाब ताकत और उनका ‘वीटो पावर’ है. दुनिया जबकि लोकतंत्र की दुहाई दे रही है, यह परिषद सबसे आलोकतांत्रिक संस्था नज़र आती है.