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Tuesday, 3 February, 2026
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मोदी सरकार संसद में जनता के मुद्दे नहीं सुन रही, संभल सिर्फ ध्यान भटकाने वाला मामला है

मोदी सरकार की प्राथमिकताएं बेहद अव्यवस्थित हैं. अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के बजाय, मोदी और उनके साथी चुनाव जीतने के लिए धार्मिक संघर्षों को बढ़ावा देने में व्यस्त हैं.

ICC चैंपियन्स ट्रॉफी के लिए भारत को पाकिस्तान जाने की ज़रूरत नहीं, तर्कों को खारिज कर दीजिए

इस उपमहादेश में क्रिकेट वाले रिश्ते खेल से जुड़े विवाद की वजह से नहीं, न ही हिंदू-मुस्लिम मसले के कारण बल्कि इन मुल्कों के हालात और उनके आपसी मनमुटाव की वजह से बिखरे हैं.

मिडिल क्लास और महिलाओं के लिए स्कीम: क्या BJP को मिल गया है चुनाव जीतने का फॉर्मूला

अगर कोई सरकार जानती है कि अमीरों को कैसे एकजुट किया जाए और उसने यह पता लगा लिया है कि सीधे पैसे भेजने से गरीबों के वोट कैसे जीते जाएं, तो उसे मध्यम वर्ग की कोई ज़रूरत नहीं है.

एकनाथ शिंदे पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत हैं, लेकिन CM की कुर्सी अब भी उन्हें नहीं मिलेगी

शिंदे ने जनता की अदालत में असली शिवसेना के लिए लड़ाई जीत ली है और अविभाजित शिवसेना के 2019 के प्रदर्शन को बेहतर बनाया है, लेकिन ऐसा लगता है कि वे सीएम पद की दौड़ हार गए हैं.

संभल मस्जिद विवाद: क्या इतिहास की गलतियों को ठीक करना संघर्ष का कारण बन रहा है?

अब समझदार, उदारवादी आवाज़ों पर निर्भर है कि वह इस विभाजनकारी बयानबाजी से ऊपर उठें और सच्चाई और सुलह के रास्ते पर चलें, जो पुराने जख़्मों को कुरेदने के बगैर मरहम तक जाता हो.

बंगाल में अभिषेक बनर्जी की महत्वाकांक्षाओं के बारे में कानाफूसी बढ़ रही है, ममता ने उन्हें कमतर आंका

कई दिग्गज नेता अभिषेक द्वारा पार्टी में दो सुधारों को आगे बढ़ाने की कोशिश से नाराज़ हैं.

शक्तिकांत दास ने सरकार को रॉकस्टार RBI प्रमुखों से बेहतर संभाला है, लेकिन असल इम्तिहान अभी बाकी है

अगले कुछ हफ्ते यह दिखाएंगे कि गवर्नर शक्तिकांत दास सरकार और RBI के बीच हाल ही में हुए टकराव से कितनी सफलतापूर्वक निपट पाते हैं.

UPSC, LBSNAA आदि उम्दा काम कर रहे हैं, उन्हें कॉर्पोरेट की ज़रूरत नहीं है मूर्ति साहब!

आपने मुद्दे की बात की है. सरकार नियमित कर्मचारियों की जगह कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को छुट्टी आदि के प्रावधानों के साथ बहाली करके लागत काफी घटा सकती है, लेकिन क्या हम चुनावों, जनगणना, राहत तथा आपदा प्रबंधन के काम को ठेके पर करवा सकते हैं.

महाराष्ट्र के नतीजों का स्पष्ट संदेश — जनता समृद्धि चाहती है, पापाजी की जागीर नहीं

यह स्पष्ट है कि कांग्रेस के वर्षों के कुशासन और खोखले वादों ने पार्टी को चुनावों में एक दंतहीन बाघ बना दिया है.

महाराष्ट्र, झारखंड के नतीजे दिखाते हैं भारत में चुनाव टेनिस मैच जैसे होते हैं : कार्ति चिदंबरम

भारतीय राजनीति का भविष्य अब राज्य-केंद्रित समीकरणों के मुताबिक, खुद को ढालने और मतदाताओं के साथ निरंतर करीबी संपर्क बनाए रखने की राजनीतिक दलों की क्षमता पर निर्भर करेगा.

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पुस्तकालय में तोड़फोड़ करने पर जेएनयू ने पांच विद्यार्थियों को निलंबित किया

नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने पांच पीएचडी विद्यार्थियों को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया है, जिनमें जेएनयू...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.