ऐसा लगता है कि ट्रंप ने पुरानी मान्यताओं को खारिज कर दिया है. उन्हें इस बात की परवाह नहीं है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है. जहां तक भारतीय बाज़ार की बात है, वह अपनी शर्तों पर एक्सेस चाहते हैं.
अयूब खान के साथ अपनी द्विपक्षीय बातचीत में लाल बहादुर शास्त्री ने कहा कि हालांकि भारत ने कभी भी दो-राष्ट्र सिद्धांत को स्वीकार नहीं किया, लेकिन पाकिस्तान में कुछ तत्व इसे 'दो दुश्मन राष्ट्र' बनाने पर तुले हुए हैं.
ताशकंद समझौते के दौरान सोवियत संघ ने प्रोटोकॉल पर खास ध्यान दिया. दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के लिए व्यवस्थाएं बिल्कुल एक जैसी थीं. इस वार्ता को अमेरिका और ब्रिटेन का भी समर्थन मिला था.
BCCI के फैसले ने हिंदू राइट के कट्टरपंथी गुट को नई जान दे दी है. अब उनमें इतना आत्मविश्वास आ गया है कि वे अपने सांप्रदायिक अभियानों के हिसाब से पॉलिसी में बदलाव करवा सकें.
ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में भारतीय विश्वविद्यालयों का योगदान अब भी कम है, खासकर जब इसकी तुलना एमआईटी और इम्पीरियल कॉलेज जैसे विदेशी संस्थानों से की जाती है.
दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.