जो बात मुझे परेशान करती है, वह यह है कि हर चीज़ को बहुत जल्दी वफादारी की कसौटी पर कसा जाने लगता है. जैसे भारतीय मुसलमानों को एक तरह से सोचना चाहिए और भारतीय हिंदुओं को दूसरी तरह से. इसका अंत कहां है?
मोपा, गोवा से ज़्यादा महाराष्ट्र के लिए काम आता है. साउथ गोवा के MP कैप्टन विरियाटो फर्नांडिस ने कहा, 'मोपा एक इकॉनमी इंजन है, लेकिन वहां आने वाले 75% टूरिस्ट सिंधुदुर्ग जाते हैं.'
राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'
भारत में पहचान के आधार पर सबसे ज्यादा गाली-गलौज और दुर्व्यवहार के शिकार मुसलमान होते हैं. इस मामले में यह दुर्व्यवहार ऊपर बैठे लोगों की तरफ से आता है और कोई भी इसके खिलाफ कुछ करने को तैयार नहीं है.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.