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Saturday, 7 March, 2026
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मत-विमत

भूखे लोगों की करीब 23 प्रतिशत आबादी अकेले भारत में है

विश्व खाद्य दिवस: भारत में भूखे लोगों की तादाद लगभग 20 करोड़ से ज्यादा है. भारत की आबादी का लगभग पांचवां हिस्सा हर दिन भूखा सोने मजबूर है.

‘मौनमोहन’ पर तंज करने वाले मोदी खुद अकबर पर मौन हैं

जिन घटनाओं पर विवाद हुए और जनता में गुस्सा भड़का, मोदी ने उनपर चुप्पी साध ली, लेकिन वे उन मुद्दों पर ज़रूर बोलते हैं जो लोगों के दिमाग को उत्तेजित करें.

अर्थव्यवस्था में बदलाव से निकल सकता है पर्यावरण समस्या का हल

मंगल ग्रह पर जाने जैसे पलायनवादी उपायों से परे हमें यह समझना चाहिए कि पर्यावरण को लेकर हम ज़रूरी कदम क्यों नहीं उठा सके हैं.

भारत को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में उसका सम्राट मिल गया है

अजीत डोवाल भारत के सर्व शक्तिमान सुरक्षा अधिकारी बन गए हैं. परतों में बनी हमारी सुरक्षा व्यवस्था को इस केंद्रीकरण से खतरा है.

#मीटू आंदोलन भारत में महिलाओं के प्रति हमारा रवैया बदलेगा

इस आंदोलन को महानगरों से छोटे कस्बों, मीडिया से बिजनेस और राजनीति तक और सार्वजनिक जीवन से घरेलू यौन उत्पीड़न तक फैलना चाहिए.

जीडी अग्रवाल की मौत के साथ ही गंगा हार गई

अग्रवाल ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री को लिखा था कि वे उम्र और विद्वता में प्रधानमंत्री से बढ़े हैं और उनके बड़े भाई की तरह हैं. इससे प्रधानमंत्री के अहम को चोट पहुंची.

#मीटू मूवमेंट की आंधी, पत्रकारिता, बॉलीवुड और राजनीति सब चपेट में

ये मुहिम एक तरह से उन पुरुषों के लिए चेतावनी है जो सोचते हैं कि उनके पास पद की ताकत है और वो कुछ भी कर सकते हैं.

कैडिलैक नहीं एंबेसेडर – कैसे लाल बहादुर शास्त्री ने नेहरू की परंपरा को बदल डाला

लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर, उनके बेटे अनिल उनके व्यक्तिगत और राजनीतिक किस्सो को याद कर रहे है.

बढ़ती कीमतें मोदी सरकार का कहीं तेल न निकाल दें

अगर अनुमान लगाने वाले सही हुए और तेल कीमत 100 या 120 डॉलर तक पहुंची तो हम छठी बार इस झटके के शिकार हो सकते हैं. यानी अर्थव्यवस्था को छठा झटका लगेगा.

ज़माना आया रफाल का लेकिन एचएएल अब तक सुखोई पर अटकी

अगर उनका बस चले तो हमारे "ग्रेट इंडियन ब्यूरोक्रेट" वायुसेना के मार्शल भी बन बैठें. बोफोर्स ने हमारे रक्षा अधिग्रहणों को ठन्डे बस्ते में...

मत-विमत

भारतीय उदारवादियों को धर्म के बारे में फिर से सोचने की जरूरत है. जड़ से कटा हुआ मॉडल असरदार नहीं है

पश्चिमी लिबरलिज़्म अधिकारों से शुरू होता है और समाज को पीछे की ओर डिज़ाइन करता है. धर्म रिश्तों से शुरू होता है. यह मानता है कि आप ज़िम्मेदारियों के जाल में पैदा हुए हैं, और यह जाल एक तोहफ़ा है.

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राजनीति

देश

महासमुंद के संजय डहरिया ने कैंसर से लड़ते हुए यूपीएससी में 946वां स्थान प्राप्त किया

महासमुंद (छत्तीसगढ़), सात मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के निवासी संजय डहरिया (38) ने कैंसर से लड़ते हुए संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी)...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.