भीमा कारेगांव का युद्ध भारतीय समाज को लोकतांत्रिक बनाने की लड़ाई का गौरवशाली अध्याय है. अंग्रेजों की जीत नहीं, जातिवाद की हार का जश्न है भीमा कोरेगांव.
शिक्षा क्षेत्र में अनैतिक कार्य करने के बाद भी बच निकलने में सक्षम कई अत्यंत प्रभावशाली लोग मौजूद हैं. वे कानूनी और नैतिक मानदंडों का बैखौफ़ उल्लंघन करते हैं.
जेडी (यू) के पास अभी भी लोकसभा में 12 और राज्य विधानसभा में 85 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन नीतीश कुमार के बिना पार्टी के सामने नेतृत्व की बड़ी कमी खड़ी हो गई है.