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Thursday, 22 January, 2026
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आगामी लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को मुंह की खानी पड़ सकती है

तीन राज्यों के चुनाव परिणामों ने इस संभावना को बढ़ा दिया है कि नरेंद्र मोदी शायद अगले छह महीनों में प्रधानमंत्री नहीं रहें. इसका मतलब ये नहीं है कि परिणाम तय हैं, पर आखिरकार खेल दिचलस्प हो गया है.

भारतीय सेना को लड़ाकू भूमिकाओं के लिए महिलाओं की भर्ती पर काम करना चाहिए

लड़ाकू भूमिकाओं में महिलाएं तैनात हों या नहीं, यह मानसिकता की बात है, और इसमें बदलाव के लिए सेना से बेहतर और कौन सी जगह होगी.

अशफाकउल्लाह खां की शहादत में वतन से मुहब्बत के कई इन्द्रधनुष झिलमिलाते हैं

अशफाक ने लिखा, ‘मैं दादा की तरफ से कौमपरस्त, ननिहाल की तरफ से अंग्रेज़परस्त पैदा हुआ, मगर मां का खून कमज़ोर था. सो, वतन के लिए मौत के तख्ते पर खड़ा हुआ हूं.’

राहुल ने अपनी ड्रीम टीम में युवा नेताओं की जगह अनुभवी चेहरों को दी तरजीह

राहुल गांधी ने चुनाव मेंं जीत दिलाने वाले और संभावनाओं से भरे युवा कांग्रेसी नेताओं को पार्टी में किनारे लगा दिया.

भाजपा को धूल चटाने के लिए छत्तीसगढ़ फार्मूला अपनाए कांग्रेस

कांग्रेस अपनी सही जातीय रणनीति की बदौलत यहां पर चौका मार गयी जहां इसने अपना ध्यान जनजातियों से हटाकर अन्य पिछड़े वर्गों की ओर किया

गांधीवादी गांधी की प्रतिमा को क्यों हटा रहें हैं

गांधी की 150वीं जंयती मनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि उन्हें ठीक से अधय्यन किया जाए न कि केवल फूल-माला लेकर उनको पूजा जाए. 

पाकिस्तानी टीवी, नाटकों और फिल्मों में इमरान ख़ान और बांध गीत का जलवा

इमरान ख़ान पाकिस्तान में प्रोडक्ट प्लेसमेंट का नया ट्रेंड बने.

बॉलीवुड फिल्में जो मुसलमान होने की जटिलता का खुलासा करती हैं

मुल्क, मंटो और केदारनाथ में मुसलमानों को भारत में हाशिए पर, डरा हुआ और अलग सा महसूस करने वाला दिखाया गया है.

मोदी के पास भारतीय गरीबों के लिए कोई समाधान नहीं है

पांच साल बीतने के बाद भी भारतीयों का यथार्थ जस का तस बना हुआ है. उन्हें बस सब्सिडी और भीख मिली.

ब्रांड मोदी का नया मंत्र : जो रोज़गार मांगें उन्हें गाय दे दो

ब्रांड मोदी ने 2014 में जो उम्मीदें और आशाएं बेचीं उन्हें युवाओं ने खरीदा मगर अब उन्हें लग रहा है कि भाजपा सरकार में और इंदिरा युग की कांग्रेस सरकार में तो कोई फर्क नहीं ही है, ऊपर से गाय भी गले डाल दी गई है.

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मौनी अमावस्या और पीएम मोदी—भारत की सोची-समझी चुप्पी के क्या मायने हैं

वैश्विक शोर-शराबे के माहौल में भारत का प्रतीकात्मक ‘मौनव्रत’ कूटनीति का सबसे प्रभावी साधन है. यह नई दिल्ली की रणनीतिक अस्पष्टता को बनाए रखता है.

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पिता को जिला परिषद का टिकट न मिलने से नाराज व्यक्ति ने राकांपा विधायक के कार्यालय के बाहर पेशाब किया

लातूर (महाराष्ट्र), 21 जनवरी (भाषा) लातूर जिले में बुधवार को एक व्यक्ति ने अगले महीने होने वाले जिला परिषद (जेडपी) चुनावों के लिए अपने...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.