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Thursday, 12 February, 2026
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जब नेहरू के भारत में गांधी की हत्या और गोडसे से जुड़ी एक कहानी प्रतिबंधित की गई

‘नाइन ऑवर्स टू रामा’ सेंसरशिप से हमारे जटिल संबंधों को दर्शाता है. भारत में प्रतिबंध लगाए जाने के 57 वर्ष बाद आज भी सेंसरशिप का वो प्रकरण प्रासंगिक बना हुआ है.

पुण्यतिथि विशेष: कौन देखता था महात्मा गांधी की सुरक्षा

एक सवाल ये भी कि क्या तब बिड़ला हाउस के भीतर कोई भी मजे से प्रवेश पा सकता था? क्या उधर आने वालों की कोई छानबीन नहीं होती थी?

अब एक और ‘खास 200’ बनाने जा रहे हैं रोहित शर्मा

रोहित शर्मा के बारे में हर कोई ये कहता है कि उनके लिए चुनौती शुरुआत के 20-25 रन हैं. 20-25 का आंकड़ा पार करने के बाद उनकी बल्लेबाजी का अंदाज बदल जाता है.

नानाजी देशमुख और मान्यवर कांशीराम में भारत का रत्न कौन?

प्रणव मुखर्जी और के.आर नारायणन में कौन? तेंडुलकर और ध्यानचंद में कौन? वी. पी. सिंह को क्यों नहीं?क्या है भारत रत्न का समाजशास्त्र?

पादरी से फायरब्रांड नेता बने ​​​जॉर्ज फर्नांडिस का था विरोधाभासों वाला व्यक्तित्व

पादरी से रक्षा मंत्री बनने तक के सफर में जॉर्ज फर्नांडिस विरोधाभासों से भरे थे. समाजवादी नेता जोकि परमाणु बम के खिलाफ थे बाद में पोखरण II में शामिल रहे.

कैसे सालभर में तीन फैसलों ने एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों का विश्वास डिगा दिया

इन महत्वपूर्ण फैसलों से दलितों के दो सबसे अहम मुद्दे प्रभावित हुए: अत्याचारों से सुरक्षा व पर्याप्त प्रतिनिधित्व. ये दलितों से संविधान में किए वादे के केंद्र में हैं.

वंचितों-पिछड़ों के पक्ष में खड़े होने की कीमत चुकाते तेजस्वी यादव

प्रभावशाली जातियों के वर्चस्व को चुनौती देने का जो जोख़िम मायावती या अखिलेश नहीं उठाते, वह जोख़िम ये युवा नेता उठा रहा है और उसकी कीमत भी चुका रहा है.

रानी लक्ष्मीबाई की वीरता की वो कहानी, जो उनके साथ जलते किले में ब्राह्मण ने बताई

1857 की क्रांति के इस चरण को झांसी के किले में रानी के साथ ही अपनी आंखों से देखने वाले मराठी लेखक विष्णु भट्ट गोडसे ने अपनी किताब में ये सब लिखा है.

क्यों नहीं मिल सका ध्यानचंद, कर्पूरी ठाकुर और सुभाष चंद्र बोस को भारत रत्न सम्मान?

ध्यानचंद, राममनोहर लोहिया, कांशीराम और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न न मिलना उन सामाजिक समूहों को पीड़ा पहुंचा गया है जो वर्षों से इसका इंतजार कर रहे थे.

मोदी सरकार का अगला बजट अत्यधिक साहसिक नहीं होना चाहिए

पर पूरी संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत से पूर्व इसमें कई बड़ी व लोकलुभावन घोषणाएं शामिल करेंगे.

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हरियाणा, यूपी, तमिलनाडु और कर्नाटक के पुरुष गोवा को कैसे बदनाम कर रहे हैं

शायद भारतीय पुरुषों के व्यवहार पर सही तरह से नज़र रखने का एकमात्र तरीका यह है कि हर ट्रिप पर उनकी मां उनके साथ हों. अगर वे किसी अजनबी से मिलना चाहते हैं, तो उन्हें पहले मम्मी से पूछना चाहिए.

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एनएचआरसी ने कोयला खदान में 18 श्रमिकों की मौत पर मेघालय सरकार को नोटिस जारी किया

नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बुधवार को कहा कि इस महीने ईस्ट जयंतिया हिल्स के थांगस्काई इलाके में...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.