बीएसएनएल जैसी टेलीकॉम कंपनियां तन्ख्वाह नहीं दे पा रहीं. उनके लाभकारी बनने के कोई संकेत भी नहीं. इससे बचने का सही उपाय कंपनियों में पैसा डालने के बजाय, इसमें काम कर रहे लोगों को पैसा देकर विदा करना बेहतर उपाय है.
अरे भाई ! कुछ किसान आत्महत्या जरूर कर रहे हैं यही सही है. लेकिन, यह समझना चाहिए कि यह हत्या खेती के अलाभकारी होने मात्र से है या उसके कारण अन्य भी हैं.
संसद में आखिर के दो वर्षों में शरद यादव की अनुपस्थिति में जिस एक नेता ने सामाजिक न्याय और वंचितों के समर्थन में सबसे जोरदार तरीके से अपनी बात रखी, उनमें धर्मेंद्र यादव सबसे आगे रहे.
चीन ने कोयले से गैस बनाने में पूंजी, हुनर और टेक्नोलॉजी का धैर्य के साथ निवेश किया. हम कथनी को करनी में बदलने में हमेशा पीछे रहते हैं. कच्चे तेल की कीमत गिरते ही हमारा जोश ठंडा पड़ जाता है.