बीजेपी ने नरेंद्र मोदी की छवि कभी न झुकने वाले नेता की बनाई है. लेकिन देश में एक राजनीतिक ताकत है, जिसके आगे नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार को अक्सर झुकना पड़ता है.
पिछले ढाई दशक से कश्मीर को लेकर भारत के बाकी हिस्से में जान-बूझ कर एक ऐसे नैरेटिव और विमर्श को हवा दी जा रही है, जिसमें वहां का हर शख्स भारतीय लोकतंत्र का दुश्मन नज़र आ रहा है.
दिप्रिंट को प्राप्त तस्वीरों में जैश शिविर में छत पर चार गहरे धब्बे, गायब टेन्ट और ज़मीन पर जलने के निशान दिखते हैं, पर भवनों और दीवारों को नुकसान नहीं.
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता है तो सबसे अधिक नुकसान सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को ही उठाना पड़ता है. एलओसी को पास रहने वालों की हालत और भी खराब है.
अपने घर को इस तरह संभालकर रखें कि उसमें उन उद्वेलनों के लिए कोई भूमि उर्वर न रह जाये, जिनका लाभ उठाकर पाकिस्तान हमें ‘आतंकवाद का अनचाहा निर्यात’ करता रहता है.
राजद नेता तेजस्वी यादव को कभी जीतन राम माझी, तो कभी कांग्रेस झटके दे रही है. लेकिन सबसे अप्रत्याशित झटका बसपा प्रमुख मायावती ने बिहार की सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला करके दिया है.
सरकार रोस्टर पर अध्यादेश लाने का वादा कर रही है और न ही इसका कोई जवाब दे रही है कि फैसला होने तक नई भर्तियां न किए जाने के बाद भी नियुक्तियां क्यों जारी हैं.
HAL इंजीनियरों को विदेशों में और IITs तथा IIMs जैसे प्रमुख संस्थानों में प्रशिक्षण देने पर भारी निवेश करता है, लेकिन उनका पूरा और सही उपयोग नहीं हो पाता.