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Saturday, 7 February, 2026
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क्या विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया की जीत का सिलसिला रहेगा कायम

सिडनी से लेकर सेंचूरियन और बंगलुरू से लेकर एडिलेड तक मैदान बदलते रहे. लेकिन पाकिस्तान का विश्व कप में भारत को हराने का सपना पूरा नहीं हुआ.

आरक्षण खत्म किया जा रहा है और सरकार कह रही है आरक्षण जिंदाबाद!

केंद्रीय नौकरशाही के उच्च पदों पर एससी-एसटी-ओबीसी के अफसर पहले से ही कम हैं. ऐसे में बिना आरक्षण के हो रही लैटरल एंट्री से उनका प्रतिनिधित्व और घट जाएगा.

नया मोदी मॉडल वही पुराना गुजरात मॉडल है, जो 3 सुपर-ब्यूरोक्रेट्स की शक्ति पर बनाया गया है

अब जो पीएमओ बना है वह अमेरिकी राष्ट्रपति के एक्सक्यूटिव ऑफिस जैसा है, और नरेंद्र मोदी अपनी पसंद के सुपर-ब्यूरोक्रेटों के जरिए राजकाज चलाएंगे

मोदी राज में निकम्मे और कामचोर सरकारी बाबुओं की खैर नहीं

मान कर चलिए कि अब कामचोर सरकारी बाबुओं पर गाज गिरती ही रहेगी. दूसरा रास्ता तो यही है कि ये अब सुधर जाए. नहीं सुधरे तो कहीं के नहीं रहेंगे.

उत्तर प्रदेश में जंगल राज जारी है और योगी देश और धर्म को सुरक्षित बता रहे हैं

जब उन्होंने देश के सुरक्षित होने की बात कही तो कई लोगों को समझ में नहीं आया कि जिस देश की बात कर रहे हैं, उसमें वह उत्तर प्रदेश भी शामिल है या नहीं, जिसके वे मुख्यमंत्री हैं?

सवर्णों को क्यों पसंद आने लगी बीजेपी और इस बारे में विश्लेषणों का अभाव क्यों?

जाति के अध्ययन का मतलब दलितों और पिछड़ों का अध्ययन क्यों है? आखिर कैसे तय होता है कि किन विषयों पर शोध होंगे, और किस सामाजिक समूह को जांच से परे माना जाएगा?

घायल शेरनी और बंगाल की लड़ाई में कमर कस रही भाजपा के बीच ये संघर्ष अभी लंबा चलेगा

ममता बनर्जी सरकार अक्षम दिखाई पड़ रही है. यही नहीं दीदी के कई वीडियो वायरल कराए जा रहे हैं जिसमें ममता को गुस्सैल दिखाने की कोशिश की जा रही है.

आरिफ़ मोहम्मद ख़ान आप 1986 में अटके हुए हैं, धर्मनिरपेक्षता और मुसलमानों पर आपके विचार पुराने हों चुके हैं

आरिफ़ मोहम्मद ख़ान शाहबानो प्रकरण को समकालीन भारत में मुसलमानों के समक्ष मौजूद तमाम मुद्दों पर विचार के लिए एक संदर्भ बिंदु मानते हैं.

प्रिय भारतीय उदारवादियों, आप मतदाताओं का चुनाव नहीं कर सकते

मोदी मतदाताओं को 'बड़े' धर्मांध के रूप में दिखाना, मध्यमवर्गीय जनता उदारवादी कार्य की मदद नहीं कर रही है.

पत्रकारों की गिरफ्तारियां : कई और पहलुओं पर भी गौर करने की जरूरत है

हमारे देश में मीडिया और लोकतंत्र के साथ अभिव्यक्ति की आजादी का भी बुराहाल इसलिए है कि ‘सत्ता प्रतिष्ठान ने अपने मुनाफे के लिए पत्रकारों को प्यादों की तरह चलाना शुरू कर दिया है.

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अंतिरिम समझौते की रूपरेखा पर सहमति से निर्यातकों के लिए 30,000 अरब डॉलर का बाजार खुलेगा: गोयल

नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.