आयुष्मान खुराना ने एक इंटरव्यू में ये कहा है कि इस रोल की तैयारी करने के क्रम में उन्होंने जूठन किताब को पढ़ा और उन्हें कई रातों तक नींद नहीं आई. कल्पना कीजिए उस व्यक्ति के बारे में जिसने ये जिंदगी जी होगी
प्रधानमंत्री मोदी मध्यवर्ग से पैसा लेकर गरीबों को दे रहे हैं क्योंकि उन्हें भरोसा है कि यह वर्ग राष्ट्रवाद और मुसलमानों के प्रति अपनी नापसंदगी के कारण वैसे भी उन्हें वोट देगा ही.
अखिलेश यादव में क्या वह जज्बा है कि वे बीजेपी के हमलों से समाजवादी पार्टी को बचा ले जाएंगे? क्या उनमें अपने पिता की तरह जमीनी राजनीति करने का माद्दा है? वे मुलायम सिंह क्यों नहीं बन पा रहे हैं?
वामपंथ हमारे सार्वजनिक जीवन से गायब हो जाये तो यह बड़ा त्रासद कहलायेगा. वामपंथ की नाकामियां अपनी जगह लेकिन वामपंथ ने भारतीय लोकतंत्र के जनतांत्रिक चरित्र को बनाये ऱखने में अहम भूमिका निभायी है.