हर साल दो करोड़ नौकरियां मुहैया कराने के वादे पर आई सरकार इस दिशा में कुछ न कर पाने, बल्कि लाखों लोगों के रोजगार चले जाने के बावजूद फिर सत्ता में आ गई.
ओल्गा की स्पष्ट राय है कि पोलैंड को एक सहिष्णु देश बनना चाहिए- एक ऐसा देश जहां अल्पसंख्यकों के साथ कोई ज्यादती न हो. उन्होंने कहा था कि अगर हमने अतीत में ज्यादतियां की हैं, तो हमें इसकी माफी मांगनी चाहिए.
इस सकारात्मक पहलू पर जरूर गौर किया जाना चाहिए कि सरकारी परिसंपत्तियों के निजी हाथों में जाने से उनके बेहतर इस्तेमाल और उनकी बेहतर सेवा से व्यवस्थागत लाभ होगा, जो कि निजीकरण का असली मकसद है.
सरसंघचालक मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जो आर्थिक दर्शन प्रस्तुत किया है वह मोदी सरकार की हाल की आर्थिक नीतियों के बिलकुल उलट है और यह चल नहीं सकता
अंतरिक्ष में प्रयोगों से लेकर दुनिया भर में जितनी भी तकनीकी उपलब्धियां हासिल की गई हैं, वे सब विज्ञान के बूते मुमकिन हुईं. उसमें धार्मिक आस्था या चमत्कार की कोई भूमिका नहीं है.