पूर्व न्यायाधीश एस एन ढींगरा ने वकीलों के इस रवैये के लिए जजों और सरकारों को भी जिम्मेदार ठहराया है. जज इसके लिए जिम्मेदार हैं जो वकीलों के खिलाफ कार्रवाई करने से डरते हैं.
अपने किसानों और डेयरी उद्योग के हितों को देखते हुए भारत ने फिलहाल आरसीईपी से बाहर रहने का फैसला किया है. लेकिन क्या ये कदम अपने उद्योग को बचाने के लिए सही है.
धर्मनिरपेक्षता के इस झीनी चादर को थोड़ी देर के लिए अलग कर दीजिये तो तमाम राजनीतिक दलों का चरित्र लगभग एक समान नजर आता है. इनकी ज्यादातर नीतियां एक समान हो गई हैं.
लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती जैसे नेताओं ने राम जन्मभूमि आंदोलन को भाजपा की सत्ता प्राप्ति के आधार के रूप में स्थापित किया था, पर आज भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में उनके लिए कोई जगह नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट ने निजता के अधिकार को ऐसा नैसर्गिक मौलिक अधिकार माना है जो जीवन के मौलिक अधिकार से जुड़ा हुआ है. इस महत्वपूर्ण फैसले के बावजूद हम ‘स्नूपगेट’ का सामना कर रहे हैं
सऊदी युवराज मोहम्मद बिन सलमान भले ही इमरान ख़ान की अनदेखी करें और नरेंद्र मोदी से मेलजोल बढ़ाएं, पर वह पाकिस्तानी सेना के साथ अपने सैन्य संबंधों को दरकिनार नहीं कर सकते.
भारत आज इतना मजबूत हो चुका है कि कोई उसे दबा नहीं सकता. यह तथ्य हमें ज्यादा सुरक्षित महसूस करने और पुराने खतरों या डरों से मुक्त होने के लिए काफी होना चाहिए था.