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Tuesday, 3 February, 2026
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एक दशक में जेएनयू : एमएमएस, किस ऑफ लव और षड्यंत्रकारी रिपोर्ट ने बदल दी इमेज

जेएनयू मुक्त विचारधारा के लिए जाना जाता रहा है. जब लेफ्ट के नेता सीताराम येचुरी जेएनयू में पढ़ते थे तब उन्होंने इंदिरा गांधी का कैंपस में विरोध किया था.

महाराष्ट्र में अमित शाह के जाल में फंस रही हैं शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस

यह अप्राकृतिक, अपवित्र, अविभाजित गठबंधन भाजपा को महाराष्ट्र के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी मज़बूत करेगा.

पाकिस्तान अपनी परमाणु क्षमता का विस्तार कर रहा है, पिछले नौ महीनों के उपग्रह चित्रों ने खोले राज़

डेरा गाज़ी ख़ान परमाणु संयंत्र परमाणु अप्रसार संधि के दायरे से बाहर है और माना जाता है कि यह एक पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान है.

भोपाल गैस त्रासदी के सबसे पुराने एक्टिविस्ट अब्दुल जब्बार जिन्होंने गैस पीड़ितों को हक की लड़ाई के लिए खड़ा किया

अब्दुल जब्बार ने गैस पीड़ितों के सबसे बड़े समूह का नेतृत्व किया, जो कि 1984 के यूनियन कार्बाइड प्लांट में गैस रिसाव त्रासदी के पीड़ित थे.

पाकिस्तान में टमाटर के दाम हुए 320 रुपये के पार, लोगों में मची हाय-तौबा इमरान सरकार है बेपरवाह

पाकिस्तान की आर्थिक नीति तय करने वाले इमरान खान के वित्तीय सलाहकार हफीज शेख का दावा है कि वहां टमाटर 17 रुपये किलो की दर से बिक रहा है, न कि 320 रु. किलो की दर से.

जब नेहरू ने सरदार पटेल, मौलाना आज़ाद और नेताजी के हिटलर की ओर झुकाव पर खुल कर बात की

रामनारायण चौधरी वरिष्ठ गांधीवादी थे, और शायद इसीलिए 1958 और 1960 के बीच के साक्षात्कारों की श्रृंखला में नेहरू उनके समक्ष दिल खोल कर बोले.

सेना को भेदने के पाकिस्तान के खुफिया प्लान का भारत के पास क्या है तोड़

पूर्व-इंटरनेट और पूर्व-सोशल मीडिया युग में, शत्रुतापूर्ण देशों के खुफिया अभियानों को शारीरिक संपर्क की आवश्यकता थी.

आंकड़ों से जाहिर है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों के उच्च जाति के मतदाता हिंदुत्व के मूल मुद्दों के साथ हैं

राजनीतिक विश्लेषक चाहे जो कहें, आंकड़ों से स्पष्ट है कि धार्मिक मुद्दे भारतीय मतदाताओं के लिए मायने रखते हैं.

अयोध्या मामले की सीख, जनता की बोली में बात किए बिना सेक्युलरवाद का बचना नामुमकिन

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आज सेक्युलरवाद जैसी कमज़ोर, निस्तेज और माफीनामा लिखने की मुद्रा में है वैसा अब से पहले कभी ना था.

न्यायपालिका के कामकाज में पारदर्शिता के लिए क्या उसे सूचना के अधिकार कानून के दायरे में आना चाहिए

न्यायपालिका की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी के बीच संतुलन कायम करने तथा प्रधान न्यायाधीश का पद को आरटीआई कानून के दायरे में शामिल करने जैसे सवालों पर संविधान पीठ का फैसला आयेगा.

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कांग्रेस ने गोगोई की अध्यक्षता में असम के लिए चुनाव समिति का गठन किया

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले मंगलवार को प्रदेश चुनाव समिति का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.