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Monday, 2 February, 2026
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मोदी सरकार को नागरिकता कानून से ध्यान हटाकर अर्थव्यवस्था को सबसे ऊपर प्राथमिकता देनी होगी

असली सवाल यह है कि सरकार उन आर्थिक सुधारों को लागू करने पर कितनी राजनीतिक पूंजी लगाना चाहती है, जो सुधार किसी-न-किसी तबके के बीच आलोकप्रिय हो सकते हैं?

स्वामी विवेकानंद आज होते तो क्या नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ खड़े होते

स्वामी विवेकानंद ने हिंदुत्व, इस्लाम और धार्मिक शरणार्थियों को लेकर जिस साफगोई से अपनी बातें दुनिया के सामने रखी हैं, उन्हें इस मौजूदा परिस्थितियों में एक बार फिर से पढ़ने और समझने की जरूरत दिखती है.

बजट 2020 मोदी सरकार के लिए भारत को अमेरिका-ईरान संघर्ष के दुष्परिणामों से बचाने का प्रमुख साधन है

ईरान और अमेरिका दोनों से ही सौहार्दपूर्ण संबंध रखने वाले भारत को अनियंत्रित वैश्विक घटनाक्रमों के मद्देनज़र मुश्किलों में घिरी अपनी अर्थव्यवस्था को बहुत सावधानी से संभालना होगा.

हर पार्टी अपने राजनीतिक फायदे-नुकसान के हिसाब से नागरिकता संशोधन कानून को भुना रही है

हर पार्टी अपने राजनीकित फायदे-नुकसान के हिसाब से इस नागरिकता संशोधन कानून का इस्तेमाल कर रही है. सरकार की जिम्मेदारी है कि इस कानून से जुड़े भ्रम दूर करे और अपना स्टैंड साफ करे.

मोदी-शाह की भाजपा ने देश के युवाओं को नाउम्मीद तो किया ही, उससे लड़ने पर भी उतारू हो गई

भारी बहुमत से सत्ता में आने के महज छह महीने बाद ही मोदी सरकार उन युवाओं से उलझ पड़ी है, जो कभी उनके घोर समर्थक थे मगर आज उससे निराश, नाउम्मीद और नाराज हैं

अब समझ आ गया है कि मोदी सरकार के समर्थकों की लड़ाई औरतों से है

जेएनयू में फिल्म अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के जाने के बाद सरकार के कथित समर्थक बौखला गए. उन्हें सोशल मीडिया पर गालियां देनी शुरू कर दी.

अक्षम नेहरू, संदेही मेनन, विभाजित सेना– भारत के सैनिक इतिहास की अविश्वसनीय कहानियां

जयराम रमेश ने उस वीके कृष्ण मेनन की बेहतरीन जीवनी लिखी है जो कि ‘1962 के खलनायक’ के रूप में भाजपा-आरएसएस के लिए निंदा और अपमान के पात्र हैं.

खराब होते अमेरिका-ईरान के संबंधों के बीच दुनिया विश्वयुद्ध को लेकर चिंतित, पाकिस्तान की चिंता बाजवा का कार्यकाल बढ़ाना

जिस गति के साथ पाकिस्तानी राजनेताओं ने जनरल बाजवा के कार्यकाल को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया, वह एक ऐसे देश के लिए चिंताजनक है, जिसका सैन्य तख्तापलट का इतिहास रहा है.

अनुराग कश्यप ने ‘गैंग्स ऑफ़ बीजेपी’ के ख़िलाफ़ लड़ाई में पूरे दम खम से आम लोगों के बीच बनाई पैठ

अनुराग कश्यप अब चुप नहीं रह सकते. दीपिका पादुकोण के जेएनयू जाने के बाद उन्होंने उनकी फोटो को अपनी ट्विटर की प्रोफाइल फोटो बना ली है. वो हीं ऐसे निर्माता है जिसकी भारत को जरूरत है.

अयोध्या का अंधाधुंध कारपोरेटीकरण धार्मिक के बजाय सामाजिक उद्वेलनों को दे सकता है जन्म

कस्बाई जीवन के अभ्यस्त अयोध्या के निचले तबकों के लोगों में आशंका घर कर रही है कि विकास के बहाने अयोध्या का अंधाधुंध कारपोरेटीकरण हुआ तो उनका पहले से ही कठिन जीवन और कठिन हो जायेगा.

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एसआईआर के जरिये मतदाता सूची की सफाई होने तक बंगाल में चुनाव नहीं होने देंगे: शुभेंदु अधिकारी

कोलकाता, दो फरवरी (भाषा) भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी मौजूदा एसआईआर के तहत मतदाता सूची की...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.