scorecardresearch
Monday, 2 February, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

बीजेपी का दावा सीएए दलितों की मदद करेगा, लेकिन जोगेंद्र नाथ मंडल और आंबेडकर का जीवन कुछ और बयां करता है

हमें जोगेंद्र नाथ मंडल का इस बात के लिए आभारी होना चाहिए कि उनकी वजह से भारत को बाबा साहब जैसा संविधान का रचनाकार मिला.

चंद्रशेखर आज़ाद या सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों की पुलिस द्वारा हर गिरफ्तारी कानून का उल्लंघन है

सभी नागरिकों को जिसमें दिल्ली के शाहीन बाग में शामिल महिलाएं भी है, उन्हें राइट टू प्रोटेस्ट का अधिकार है जिसमें सरकार का विरोध भी शामिल है. पुलिस उन्हें बंद नहीं कर सकती है.

मोदी-शाह का शासन यूपीए-2 जैसा नहीं है, मोदी सरकार की लोकप्रियता में कमी लोगों के मोहभंग का संकेत नहीं

मूड ऑफ़ द नेशन के सर्वेक्षण से पता चलता है कि भारतीय भाजपा की बहुसंख्यकवादी नीतियों से आश्वस्त नहीं हैं और अर्थव्यवस्था के बारे में चिंतित हैं. लेकिन यह अंत नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के पास भोपाल गैस मामले में यूनियन कार्बाइड और भारत सरकार के बीच सांठ-गांठ को खत्म करने का मौका

यूनियन कार्बाइड और भारत सरकार ने जानबूझ कर भोपाल गैस कांड में पीड़ित लोगों की संख्या और पीड़ितों को हुए नुकसान के स्तर को कम करके दिखाया था. इस बारे में एक क्यूरेटिव याचिका अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है.

शाहीन बाग भारत का तहरीर और तकसीम स्क्वायर है, यह कोई स्थानीय प्रदर्शन नहीं: उमर खालिद

हम मुसलमान सिर्फ अपनी नागरिकता की रक्षा कर के ही शांत नहीं रहेंगे. हमें मुसलमान बनकर रहने का अधिकार है और शाहीन बाग इस बात का वसीयतनामा है.

साधारण किसान परिवार में जन्मे हार्दिक पटेल राज्य में प्रतिरोध का चेहरा बनकर उभरे

हार्दिक पटेल की अभी मुश्किल से चुनाव लड़ने की उम्र हुई है. लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के राजनीतिक व्यवहार से लगता है कि उन्हें बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है. क्यों महत्वपूर्ण है हार्दिक पटेल?

राम मंदिर, अनुच्छेद 370, तीन तलाक़ के बाद अब क्या है मोदी-शाह के एजेंडे में

नरेंद्र मोदी-अमित शाह की जोड़ी अगला कौन-सा कदम उठाएगी यह अंदाज़ा लगाना विपक्ष के लिए मुश्किल तो है मगर भाजपा अपने एजेंडा को एक के बाद एक लागू करने में पूरी गंभीरता से जुटी है.

यूपी पुलिस योगी शासन में ही मुस्लिम-विरोधी नहीं बनी, बल्कि धर्मनिरपेक्ष कांग्रेस का अतीत भी रक्तरंजित रहा है

बात 1972 की है, जब इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री (और गृहमंत्री) थीं. मुसलमान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की स्वायत्तता को सीमित करने वाले कानून का विरोध कर रहे थे. और इसी माहौल में धर्मनिरपेक्ष कांग्रेस ने शासन द्वारा दमन का खाका तैयार किया था.

वैश्विक लोकतंत्र सूचकांकों में भारत का दस स्थान लुढ़कना क्या कहता है

द इकोनॉमिस्ट इंटेलीजेंस यूनिट के 2019 के वैश्विक लोकतंत्र सूचकांकों में ‘दुनिया का महानतम लोकतंत्र’ भारत दस स्थान गंवाकर 51वें स्थान पर आ गया है.

सवाल पूछना लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी क्योंकि जो इसे टालते हैं वो नए सवालों को जन्म देते हैं

जो समाज सवालों को मारता है, उस समाज को मरने या बर्बाद होने से कोई नहीं रोक सकता. सवाल ही विकास है, सवाल ही शांति है, सवाल ही क्रांति है.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

केरल ने जल जीवन मिशन के तहत केंद्र के हिस्से से अधिक खर्च किया : राजस्व मंत्री राजन

तिरुवनंतपुरम, दो फरवरी (भाषा) केरल के राजस्व मंत्री के. राजन ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि हर घर नल से जल प्रदान...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.