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Monday, 2 February, 2026
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‘अंकल कम्युनलिज़्म’ का शिकार हो रहे युवा, क्या होगा 20 साल बाद

आज से 7-8 साल पहले तक भारत का युवा तकनीक में आगे बढ़ने के सपने देखा करता था, अब वो गोबर और गोमूत्र के सहारे विश्वगुरू बनने के सपने देख रहा है.

गर्भवती साध्वी की कहानी और योगी की यात्रा हमें सरकार के ‘गहरे गंगा विचार’ से परिचित कराती है

‘तुम दो महीने की गर्भवती हो’ – दून मेडिकल कॉलेज की सबसे बड़ी डॉक्टर यानी सीएमओ डॉ मीनाक्षी जोशी का यह वाक्य पद्मावती के दिलों-दिमाग पर हथौड़े की तरह पड़ा.

दलित-मुस्लिम एकता विपक्ष का एक छलावा है, सीएए और राम मंदिर ट्रस्ट ने इस झूठ की हवा निकाल दी है

स्थापित दलित नेतृत्व सीएए का विरोध नहीं कर रहा है और चंद्रशेखर आज़ाद की बेतुकी राजनीति का दलितों की सोच पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है.

मैंने इस्लाम अपनाने और अपनी हिंदू पहचान को दफ़न करने का फैसला क्यों किया

पेरियार ने आंबेडकर को इस्लाम अपनाने की सलाह दी थी. वर्षों के अनुसंधान के बाद, मैंने भी यही पाया कि भारत में जाति व्यवस्था के उन्मूलन में सक्षम एकमात्र धर्म इस्लाम है.

भारत में क्या जाति के आधार पर शरणार्थियों को सुविधा मिलेगी, दलितों के लिए मॉडल टाउन होगा या रैगरपुरा

प्रधानमंत्री कह रहे हैं कि नागरिकता के नए कानून से दलितों को फायदा होगा. लेकिन 1947 में जो दलित सीमा पार करके आए थे उनके साथ भारत ने कैसा बर्ताव किया?

आधुनिक, लोकतांत्रिक भारत में क्यों चाहिए दलित-बहुजन मीडिया

मुख्यधारा की मीडिया ने वंचित सामाजिक समूहों के हितों की अनदेखी करके एक शून्य का निर्माण किया है, जहां सैकड़ों लोकप्रिय दलित-बहुजन वीडियो चैनल उग आए हैं.

जामिया मिल्लिया इस्लामिया का गांधी, अल्लामा इकबाल से लेकर सीएए-एनआरसी तक का सफर

जामिया का शाब्दिक अर्थ ही होता है यूनिवर्सिटी और मिल्लिया का अर्थ राष्ट्रीय, आज बड़े इत्मीनान से अल्ल्मा इकबाल के लफ्जों की मदद लेकर कह सकता हूं: 'हिन्दी हैं हम ,वतन है जामिया हमारा'...सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा.'

केजरीवाल नरम हिंदुत्व और वामपंथी क्रांति से अलग, भारतीय राजनीति में एक नया मध्यमार्ग स्थापित कर रहे हैं

यदि अरविंद केजरीवाल का व्यावहारिक सौम्य-राष्ट्रवाद दिल्ली के चुनावों में अच्छे परिणाम लाता है, तो ये राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति में भाजपा के वर्चस्व को चुनौती देने का एक खाका बन सकेगा.

विराट कोहली ही नहीं ये पांच क्रिकेट स्टार टीम इंडिया के लिए मैच पलटने की ताकत रखते हैं

दुनिया की किसी भी बड़ी टीम के कप्तान का सपना ही यही होता है कि उसके पास टीम में शामिल 11 के 11 खिलाड़ी मैच पलटने की ताक़त रखतें हों. विराट के पास अब ऐसी ही टीम बनती दिख रही है.

बजट में अर्थव्यवस्था के लिए कोई बड़ी राजकोषीय पहल नहीं की गई पर सरकार के पास आगे ऐसा करने का विकल्प

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पास कर, राजस्व और सरकारी व्यय से असंबद्ध नीतिगत और विधायी बदलावों को लेकर बहुत कुछ करने का विकल्प है.

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मथुरा में विद्यार्थियों से नमाज पढ़वाने के आरोप में सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य निलंबित

मथुरा (उप्र), दो फरवरी (भाषा) मथुरा जिले के नौझील क्षेत्र के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य को विद्यार्थियों से नमाज पढ़वाने के आरोप...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.