अगर कोरोनावायरस का वैक्सीन मिलने तक लॉकडाउन जारी रखने का फैसला किया जाता है तब अर्थव्यवस्था, बाज़ार, और मुद्रा नीति की हमारी समझ को बिलकुल अनजानी चुनौती का सामना करना पड़ेगा.
ये वक्त किसानों को धन्यवाद कहने का है और याद रहे कि अपनी कृतज्ञता के इजहार के लिए यहां आपको कोई ताली-थाली बजाने की जरुरत नहीं. आपको बस इतना भर करना है कि किसानों को उनके उत्पाद का उचित दाम मिल जाये.
लॉकडाउन की अवधि की सबसे निराली व्यवस्था यह है कि इसमें लोकतंत्र के तीन में से सिर्फ एक स्तंभ ही काम कर रहा है. कार्यपालिका ने सारे अधिकार अपने हाथ में ले रखे हैं. न्यायपालिका और विधायिका के काम ठप पड़ चुके हैं.
किसी भी युद्ध को जीतने तो क्या, शुरू करने की कुंजी यह होती है कि उसका लक्ष्य स्पष्ट हो. यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय होता है. यह न तो भावनात्मक मामला होता है, और न ही शुद्ध रूप से सैन्य मामला.