scorecardresearch
Saturday, 28 February, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

कोविड काल में कंपनियां अपना आकार घटा रही हैं, इन तीन तरीकों से आप अपनी नौकरी बचा सकते हैं

नौकरी बची रहने के लिए केवल अच्छा काम ही पर्याप्त नहीं होता, खासकर संकटकालीन परिस्थितियों के दौरान, यह ऐसा समय होता है जब आपके पेशेवर रिश्ते ज्यादा अहम भूमिका निभाते हैं.

मोदी-शाह की अक्साई चीन पर गीदड़ भभकी ने एलएसी को पार करने के लिए चीन की यिंग पाइ को सक्रिय कर दिया है

अगस्त-सितम्बर 2019 में, ये बात ज़ाहिर हो गई कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सब कुछ ठीक नहीं है, जब पीएलए की ओर से भारतीय गश्त को रोका जाने लगा.

आरएसएस की चीन नीति: नेहरू की गलतियों से सीखें और चीनी विस्तारवाद से सावधान रहें

आरएसएस ने हमेशा कहा है कि भारत को चीन से सावधान रहना चाहिए और वह निरंतर सरकारों से चीन के मामले में लापरवाही नहीं बरतने का आग्रह करता रहा है.

लॉकडाउन से अनलॉक तक- नरेंद्र मोदी हर कदम पर फेल हुए

मोदी का लॉकडाउन- जो देश में दुनिया के सबसे सख़्त शटडाउंस में से एक था, फिर भी, हमारा देश कोरोनावायरस के मामले जो अब 3 लाख के पार हो गए हैं.

कोरोनोवायरस ने मोदी-शाह की भाजपा को पोस्ट-ट्रुथ से प्री-ट्रुथ में बदलने में कैसे मदद की

भाजपा नेताओं के पास कोविड संकट, अर्थव्यवस्था, बेरोजगार मजदूरों पर कोई तथ्य नहीं है. वे जो भी कहते हैं वही तथ्य बन जाता है.

काश, अमित शाह युधिष्ठिर की तरह जवाब देते और यक्ष की भूमिका विपक्ष के लिए ही रहने देते

सोचिये जरा कि विपक्ष के काम में इतने रोड़े अटकाने के बाद गृहमंत्री पूछ रहे हैं कि उसने क्या किया! जैसे उन्हें कुछ भी याद न हो.

कोल्सटन और कोलंबस की प्रतिमाएं हो ना हो लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर आंबेडकर की याद में प्रतिमाएं होनी चाहिए

ज़रूरी नहीं कि अतीत के नायकों की तमाम कांस्य प्रतिमाएं, अन्याय का ही प्रतीक हों. कभी-कभी गुलामों के भी स्मारक होते हैं. आंबेडकर मेमोरियल के मामले में, उन्हें और अधिक सराहना मिल सकती थी, अगर वो इतने ज़ाहिरी तौर पर जीवितों के साथ न जोड़े गए होते.

फुले और आंबेडकर ने भारत में जातिगत भेदभाव देखा था इसलिए वे काले लोगों के साथ हो रहे नस्लीय भेदभाव को समझते थे

नस्ली और जातीय भेदभाव के बीच समानता को पहली बार उजागर करने का श्रेय ज्योतिराव फुले को जाता है. उन्होंने करीब 150 वर्ष पहले अमेरिका के कालों और भारत के दलितों की स्थिति की परस्पर तुलना की थी.

कोरोना काल क्या शास्त्रीय संगीत की तबीयत को भी बिगाडे़गा

कोरोना के प्रभाव से उत्पन्न ‘डिजिटल वायरस’ कहीं धीरे-धीरे भारतीय शास्त्रीय संगीत जैसी कला की तबीयत को बिगाड़ने का काम तो नहीं कर रहा?

जॉर्ज फ्लायड के बहाने भारत में हिंसक प्रदर्शन को इजाजत नहीं मिलनी चाहिए, ‘भीड़तंत्र का न्याय’ किसी भी राष्ट्र के हित में नहीं

अमेरिका में पुलिस हिरासत में जार्ज फ्लॉयड की हत्या निश्चित ही निंदनीय है और इसकी दुनिया भर में भर्त्सना हो रही है लेकिन इस पर आक्रोश व्यक्त कर रही जनता द्वारा हिंसा, आगजनी और लूटपाट बेहद चिंताजनक है.

मत-विमत

तालिबान, TTP और बलूच चुनौती: रणनीतिक भूल की कीमत, पाकिस्तान दो तरफ से घिरा

पाकिस्तान का सियासी नेतृत्व कमजोर और कमअक्ल दिखता है. उसकी कूटनीति पूरी तरह भारत-चीन-अमेरिका केंद्रित है और वह अफगानिस्तान को अपना गुलाम मानता रहा है.

वीडियो

राजनीति

देश

गेल महाराष्ट्र में पवन ऊर्जा परियोजना पर 1,736 करोड़ रुपये निवेश करेगी

दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की गैस कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड महाराष्ट्र में एक पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित करने के लिए 1,736.25 करोड़...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.