scorecardresearch
Sunday, 1 February, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

‘वोटबंदी’ की नई साजिश, बिहार में चुनाव से पहले नागरिकता की तलाशी

भारी बारिश से क्या-क्या धुलेगा, क्या-क्या बहेगा, कहा नहीं जा सकता, लेकिन चुनाव आयोग के इस बरसाती अभियान कईओं की नागरिकता और वोट देने के अधिकार को ज़रूर बहा ले जाएगा!

इस सच से रूबरू हो जाएं भारतीय मुसलमान: मुस्लिम मुल्कों को उनकी कोई परवाह नहीं

मुस्लिम संसार में इज्ज़त हासिल करने का एक ही तरीका है भारतीय मुसलमानों के पास: भारतीय बनिए और अपने मुसलमानत्व को भारतीयता के अंदर दाखिल कीजिए.

लोकतंत्र की असली परीक्षा: भारत को पहले ‘नेक चुनाव’ चाहिए, ‘एक चुनाव’ नहीं

राज्य और पार्टी का घाल-मेल कम्युनिस्ट तानाशाहियों की विशेषता रही है. पश्चिमी लोकतंत्र में कहीं ऐसा नहीं, पर भारत में वही कर डाला गया, जो संविधान को व्यवहार में तहस-नहस करके हुआ.

कच्छ से सीख, सिंदूर से संकेत: आसिम मुनीर के लिए भारत को 6 महीने, 2 और 5 साल की ठोस रणनीति की ज़रूरत

कच्छ पाकिस्तान के साथ हमारी सबसे भुला दी गई जंग है. उससे सीखने और अगले छह महीने, दो साल और पांच साल की योजना बनाने की ज़रूरत है.

धार्मिक स्वायत्तता भी सीमित है, पटना के इमारत-ए-शरीयत के विरोध में हाशिए पर रहे पसमांदा मुसलमान

संविधान सिर्फ किसी समुदाय की धार्मिक स्वायत्तता या सामूहिक धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए ही नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति के मूल अधिकारों की भी सुरक्षा करता है, चाहे वह किसी भी धर्म या पृष्ठभूमि से हो.

बिहार में ECI की वोटर जांच मुहिम से दलित, मुसलमान और गरीबों को बाहर करने का डर

आधार, राशन कार्ड, वोटर ID और मनरेगा जॉब कार्ड जिन दस्तावेज़ को गरीब वोटर असल में रखते हैं, उन्हें बिहार में पहचान और निवास साबित करने वाले ECI के दस्तावेज़ की लिस्ट में शामिल ही नहीं किया गया है.

तुर्किये हर दिन पाकिस्तान बनता जा रहा है — ईशनिंदा को लेकर जुनूनी और नफ़रत में कैद किया जा रहा है

एर्दोआन की सोच अब तुर्की की सीमाओं से बाहर भी साफ़ तौर पर दिखने लगी है. सीरिया की नई सरकार ने शरिया को अपने क़ानूनों की बुनियाद बना लिया है, ठीक वैसे ही जैसे एर्दोआन अपने देश में चाहते हैं.

‘खलनायक इंदिरा’ बनाम ‘हीरो RSS’ की कहानी पूरी सच्चाई नहीं, संघ का बनाया गया मिथक है

आरएसएस इंदिरा गांधी की सरकार को किसी भी तरह गिराना चाहता था, लेकिन बाद में उसी “तानाशाह” इंदिरा गांधी से मेल-मुलाकात करने और तारीफें करने में उसे कोई नैतिक दुविधा नहीं हुई, जिन्होंने संघ के नेताओं को जेल में डाला था.

शास्त्री के दौर में खाद्य संकट के लिए MSP लागू हुई मगर अब उस पर पुनर्विचार की ज़रूरत

एमएसपी लागू किए जाने के पांच साल के अंदर भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एक खामोश बदलाव आया. खुद अपना पेट भरने की भारत की क्षमता पर सभी संदेहों को शांत कर दिया गया.

पंजाब ‘95 में 127 कट—इतनी सेंसरशिप संस्थागत डर को उजागर करती है

ये बात और ज़्यादा गुस्सा दिलाने वाली है जब आप जानते हैं कि पंजाब ने बॉलीवुड को दशकों तक ‘कंटेंट’ दिया है—कभी फिल्मों के सपनों की दुनिया के लिए सुंदर पृष्ठभूमि बनकर, तो कभी ऊंची आवाज़ में बोलने वाले मज़ाकिया साइड किरदारों के रूप में.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

महिला स्वयं सहायता समूह उद्यमियों के लिए ‘शी मार्ट’ किए स्थापित किए जाएंगे

(तस्वीर के साथ) नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि ‘लखपति दीदी योजना’ की सफलता...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.