उमर खालिद उन क्रांतिवीरों में नहीं जो भारतीय राजसत्ता को हिंसा के सहारे पलट देने का दिवास्वप्न देखते हैं. वह लोकतांत्रिक राजनीति के आड़े-तिरछे रास्तों पर चलने की चाहत से भरा नौजवान है.
वर्षों तक टालते रहने के बाद मोदी सरकार ने बीटी बैंगन की दो किस्मों के जमीनी परीक्षण की अनुमति दे दी है और किसानों को खेती के दैनिक खतरों से खुद निपटने के लिए छोड़ दिया है.
दिल्ली पुलिस ने जिन लोगों से पूछताछ की उन्होंने बार-बार इंटरोगेशन चैंबर में बुलाए जाने और कैद करने की धमकी मिलने के अपने भयावह अनुभव मेरे साथ साझा किए.
भारत में 1.16 अरब मोबाइल सदस्यताएं हैं जिनमें 95 प्रतिशत से अधिक प्रीपेड हैं. 200 रुपए से कम के मासिक भुगतान पर देश भर के लिए असीमित वॉयस कॉल्स मिलती हैं.
हमें 2021 की गर्मियों तक सतर्कता बरतना और संयम बनाए रखना होगा. एक साल की अवधि लंबी लग सकती है लेकिन कोरोनावायरस अपना व्यवहार तभी बदलेगा जब हम ऐसा करेंगे.
मोदी सरकार की मंशा पर किसी को भी संदेह नहीं होगा. भारत को शहरों में रोजगार सृजित करने चाहिए क्योंकि आधुनिकीकरण के ये केंद्र उत्पादकता में गांवों से बहुत आगे हैं.
नीतीश कुमार के पास प्रचार अभियान के लिए अपने कार्यकाल की तुलना राजद के 'जंगल राज' से करने की देखी-परखी राजनीतिक पिच थी लेकिन तभी कोरोनावायरस आ गया, जिसने उनके सुशासन की पोल खोलकर रख दी.
पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.