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Wednesday, 25 February, 2026
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उमर खालिद की गिरफ्तारी से भारतीय मुसलमानों की युवा पीढ़ी के लिए गरिमामय और लोकतांत्रिक आवाज उठाने का दरवाजा बंद हो गया है

उमर खालिद उन क्रांतिवीरों में नहीं जो भारतीय राजसत्ता को हिंसा के सहारे पलट देने का दिवास्वप्न देखते हैं. वह लोकतांत्रिक राजनीति के आड़े-तिरछे रास्तों पर चलने की चाहत से भरा नौजवान है.

खेती में नई तकनीक का अब इंतजार नहीं कर सकते किसान, एक-एक BT बैंगन GM फसलों की तरफ बढ़ता कदम है

वर्षों तक टालते रहने के बाद मोदी सरकार ने बीटी बैंगन की दो किस्मों के जमीनी परीक्षण की अनुमति दे दी है और किसानों को खेती के दैनिक खतरों से खुद निपटने के लिए छोड़ दिया है.

उमर खालिद की गिरफ्तारी दिखाती है कि भारत में असहमति की अब कोई उम्मीद नहीं बची

दिल्ली पुलिस ने जिन लोगों से पूछताछ की उन्होंने बार-बार इंटरोगेशन चैंबर में बुलाए जाने और कैद करने की धमकी मिलने के अपने भयावह अनुभव मेरे साथ साझा किए.

इंटरनेट की दुनिया के 25 सालों में वो 5 मामले जिसने तय किया कि भारत कैसे ऑनलाइन जाए

भारत में 1.16 अरब मोबाइल सदस्यताएं हैं जिनमें 95 प्रतिशत से अधिक प्रीपेड हैं. 200 रुपए से कम के मासिक भुगतान पर देश भर के लिए असीमित वॉयस कॉल्स मिलती हैं.

भारत के लिए कोरोना के खिलाफ ताकत, कमजोरी, अवसर और खतरे का विश्लेषण रणनीति बदलने में मददगार होगा

हमें 2021 की गर्मियों तक सतर्कता बरतना और संयम बनाए रखना होगा. एक साल की अवधि लंबी लग सकती है लेकिन कोरोनावायरस अपना व्यवहार तभी बदलेगा जब हम ऐसा करेंगे.

शहरी मनरेगा योजना अब दूर नहीं लेकिन बढ़ी मजदूरी के कारण चीन से व्यवसाय आकर्षित करना और मुश्किल हो जाएगा

मोदी सरकार की मंशा पर किसी को भी संदेह नहीं होगा. भारत को शहरों में रोजगार सृजित करने चाहिए क्योंकि आधुनिकीकरण के ये केंद्र उत्पादकता में गांवों से बहुत आगे हैं.

विचारों की स्वतंत्रता का दुश्मन है चीन, दूसरे देशों से भी वो यही अपेक्षा रखता है

दुनियाभर में जो लोग और जो सरकारें विचार की स्वतंत्रता को मूल्यवान मानती हैं उन्हें यह समझ लेना होगा कि चीनी ‘नियंत्रणवाद’ से लड़ना बेहद जरूरी है.

अखिलेश यादव की सियासत ख़ामोश हो गई है, ‘यूपी का लड़का’ सुर्ख़ियों में आना चाहिए

अखिलेश यादव बिल्कुल ग़ायब हो गए हैं. कहीं ज़्यादा अस्थिर और ग़ायब होने वाले राहुल गांधी भी, मोदी के खिलाफ आक्रामक अभियान चलाए हुए हैं.

सोनिया गांधी ने अपने बेटे के नाकाम सिपाहियों को आगे बढ़ाकर कैसे कांग्रेस को कमज़ोर किया है

कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक फेरबदल में गांधी परिवार की राजनीतिक सूझबूझ और रणनीतिक परिपक्वता की झलक पाने की कोशिश बेमानी ही है.

भाजपा को पता है नीतीश कुमार काफी नहीं, इसीलिए बिहार में सुशांत सिंह राजपूत को अदृश्य सहयोगी बनाया

नीतीश कुमार के पास प्रचार अभियान के लिए अपने कार्यकाल की तुलना राजद के 'जंगल राज' से करने की देखी-परखी राजनीतिक पिच थी लेकिन तभी कोरोनावायरस आ गया, जिसने उनके सुशासन की पोल खोलकर रख दी.

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एक वायरल बंदर, एक IKEA का प्लश टॉय और US सुप्रीम कोर्ट का फैसला: टैरिफ के बारे में क्या बताते हैं

पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.

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उप्र : होली पर 28 फरवरी से नौ मार्च तक चलेंगी अतिरिक्त बसें

लखनऊ, 24 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने होली पर्व पर यात्रियों की सुविधा के लिए 28 फरवरी से नौ मार्च तक अतिरिक्त...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.