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Tuesday, 24 February, 2026
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गिलगित-बाल्टिस्तान का ‘दर्जा बढ़ाने’ का पाकिस्तान का कदम भारत-चीन गतिरोध से जुड़ा है

गिलगित-बाल्टिस्तान का पाकिस्तान में 'समावेश' क्षेत्र में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे संबंधी क्रियाकलापों को वैधता प्रधान करेगा, और बीजिंग को वहां अपनी पैठ बढ़ाने का अवसर दे सकेगा.

अरुण शौरी, भ्रष्टाचार विरोधी योद्धा पर भ्रष्टाचार का आरोप – ये केवल भारत में ही हो सकता है

अरुण शौरी, जिन्हें 1982 में रेमन मैग्सेसे पुरस्कार और 1990 में पद्म भूषण से सम्मानित किया जा चुका है, भारत में बदलाव के अप्रतिम दूत और नेता हैं.

लद्दाख से सबक- भारत किसी मुगालते में न रहे-हक़ीकत ये है कि चीन ने भारत को बहुत पीछे छोड़ दिया है

चीन अपनी ताकत और अपना वर्चस्व बढ़ाता गया है, जबकि भारत उससे पीछे पड़ता गया है और इससे दोनों देशों के बीच शक्ति असंतुलन बढ़ता गया है.

मोदी सरकार राज्यों के साथ मिलकर ही कृषि क्षेत्र में वास्तविक सुधारों को लागू कर सकती है

भारतीय कृषि क्षेत्र के अधिक नियामक अस्पष्टता और आर्थिक अनिश्चितता के भंवर में फंसने का वास्तविक खतरा है, और इसका अधिक नुकसान किसानों को होगा.

सब पर शक करो, सबको रास्ते पर लाओ! क्या यही हमारे नये ‘राष्ट्रीय शक्की देश’ का सिद्धांत बन गया है

केवल मोदी सरकार और भाजपा ही नहीं बल्कि राज्य सरकारों से लेकर अदालतें तक सब शक की मानसिकता के शिकार हो गए दिख रहे हैं, क्या भारत एक ‘राष्ट्रीय शक्की देश’ बनता जा रहा है?

उप्र : निकला है कानून नया चुटकी बजते बंध जायेंगे नागरिक, नई फोर्स को नहीं होगी वारंट की जरूरत

यूपीएसएसएफ़ के गठन के पीछे योगी सरकार का अपने विरोधियों पर अपने ही इशारे पर मनमानी कार्रवाइयां कराने का मंसूबा है, जो दलितों, पिछड़ों, ग़रीबों और अल्पसंख्यकों के निर्मम दमन तक जायेगा ही जायेगा.

LAC पर बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया भारत के लिए ठीक नहीं होगी, मुमकिन है कि चीन भी इसी इंतजार में हो

सरकार पर बेहद दबाव है कि सर्जिकल स्ट्राइक्स या बालाकोट जैसी, किसी सैन्य कार्रवाई को हरी झंडी देने का फैसला ले.

भारत को विदेश मामलों के लिए इंडिया इंक, थिंक टैंक और शिक्षाविद जैसे नए राजदूतों की जरूरत

प्रधानमंत्री मोदी की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के बावजूद इस क्षेत्र में चीन के बीआरआई की आर्थिक पकड़ ज्यादा मजबूत है. क्या भारत की विदेश नीति में बदलाव की जरूरत है?

सेल्समैन ट्रंप भारतीय-अमेरिकियों के लिए ट्वीट करते हैं और फोटो खिंचाते हैं, जबकि बाइडेन-हैरिस टीम के पास नीतियां हैं

एएपीआई डेटा के हालिया सर्वे में 65 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकियों ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव में डोनल्ड ट्रंप के बजाय जो बाइडेन को वोट देने का इरादा जताया है.

संसद में क्यों जरूरी है प्रश्नकाल और इसे अनदेखा क्यों नहीं किया जा सकता

प्रश्न काल संसद की कार्यवाही का वह हिस्सा है जिसको इलेक्ट्रॉनिक और प्रिन्ट मीडिया द्वारा सबसे अधिक महत्व और कवरेज दिया जाता है. सरकार केवल चुनाव के समय ही जनता के प्रति जवाबदेह नही होती अपितु उसे व्यवस्थापिका के द्वारा दो चुनावों के बीच के अंतराल में भी उत्तरदायी बनाया जाता है. इसलिए सदन में प्रश्नकाल जरूरी हैं.

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एक वायरल बंदर, एक IKEA का प्लश टॉय और US सुप्रीम कोर्ट का फैसला: टैरिफ के बारे में क्या बताते हैं

पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.

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वायु सेना ने राजस्थान के पोकरण रेंज में ‘वायु शक्ति’ का फुल ड्रेस अभ्यास किया

(फोटो के साथ) जैसलमेर, 24 फरवरी (भाषा) भारतीय वायु सेना ने मंगलवार को पश्चिमी राजस्थान के थार रेगिस्तान में स्थित पोकरण फील्ड फायरिंग...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.