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Wednesday, 28 January, 2026
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मोदी का जापान दौरा एक ऐसा मौक़ा है जिसका इस्तेमाल भारत को चीन के ख़िलाफ खेल में करना चाहिए

‘विस्तृत एशिया’ जिसकी जापान के पीएम शिंज़ो एबे ने एक बार बात की थी, महामारी के बाद उभरती सुरक्षा और विश्व व्यवस्था में, एक वास्तविकता बनने जा रहा है.

महिलाओं और छात्राओं की शिक्षा की दिशा में नई शिक्षा नीति मील का पत्थर साबित हो सकती है

नई शिक्षा नीति में जेन्डर – समावेशी कोष की स्थापना एक नया और क्रांतिकारी कदम है. लेकिन ये प्रावधान स्त्रियों के लिए तय किये गए सामाजिक मापदंडों और घरेलू कार्यों के बोझ से मुक्त करवा कर क्या उन्हें विद्या के मंदिरों तक ले जा पाएंगे?

वित्तीय हालत बिगड़ रही- Fiscal Deficit के लक्ष्यों को छोड़ ‘अर्थशास्त्र’ को पारदर्शी बनाए सरकार

इस साल के बजट में वित्तीय घाटा जीडीपी के 3.5 प्रतिशत के बराबर रहने का अनुमान लगाया गया था मगर कोरोना महामारी और लॉकडाउन के प्रभावों के चलते यह संभव नहीं दिख रहा है.

कांग्रेस हमेशा से वंशवादी नहीं थी, इंदिरा गांधी के जमाने में आया हाईकमान कल्चर

इंदिरा गांधी की ही स्टाइल में हाईकमान कल्चर से पार्टी चलाने का गुण उनके समय में अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत करने वाले बाल ठाकरे और कांशीराम में भी आया.

दाऊद इब्राहिम के बारे में पाकिस्तानी बहुत कुछ जानते हैं, डॉन व्हाइट हाउस में रहता है और ब्लैक टैक्सी चलाता है

डॉन के रिश्तेदार जावेद मियांदाद ने सियासत में आने की मंशा का ऐलान किया. एक दिन वो पाकिस्तान के वज़ीरे आज़म बन सकते हैं लेकिन बिना दाऊद वाले पाकिस्तान के.

भारत का पस्त विपक्ष मोदी सरकार की विदेश नीति को कोई चुनौती नहीं दे पा रहा

केंद्र एलएसी पर भारतीय भूमि की रक्षा करने में नाकाम रहा है, लेकिन मोदी सरकार पर एकमात्र दबाव पत्रकारों और विश्लेषकों के एक समूह से ही पड़ता दिख रहा है.

मोदी को अगर सैनिकों की फिक्र है तो राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय के ‘शरारती’ आदेश पर जरूर कार्रवाई करनी चाहिए

अपंग सैनिकों की पेंशन पर आया आदेश बताता है कि पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए बने विभाग पर नज़र रखने के वास्ते देश में सेवानिवृत्त सैनिकों के मामलों के लिए अलग मंत्रालय की जरूरत क्यों है.

प्रशांत भूषण चुनकर लोकतंत्र के लिए धर्म युद्ध करते हैं, उनमें सहनशीलता की कमी है

जब आप सरकार और अरविंद केजरीवाल सरकार पर अलोकतांत्रिक हमले हो रहे थे, तो 'लोकतंत्र के सरपरस्त' प्रशांत भूषण अधिकतर ख़ामोश रहे या आनंदित हुए.

कंगना जातिवाद मिटाने की जगह आरक्षण हटाने की बात करती हैं, सवर्ण परिवारों में यही सिखाया जाता है

बाकी जातियों के लोगों को एससी-एसटी या ओबीसी कटेगरी के अंदर रखा जाता है और सवर्ण जातियां जनरल कास्ट बन जाती हैं. सवर्णों के लिए जाति एक ड्रेस है, जिसे पहना और उतारा जा सकता है.

भारत के विचार पर विलाप करते वक्त ये न भूलें कि जनता की अवधारणा भी बदल रही है

मोदी का नया भारत जनता की एक नई अवधारणा पर आधारित है. नेताओं और बुद्धिजीवियों से इसे निर्विवाद रूप से स्वीकार करने की अपेक्षा की जाती है.

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केरल में BJP की उलझन—ईसाइयों को साधने की कोशिश कामयाब नहीं हो रही

जब वामपंथी दल आक्रामक तरीके से हिंदू वोटों में सेंध लगा रहे हैं, तो बीजेपी के लिए तुरंत फायदा अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने में हो सकता है, उससे पहले कि वह अपना दायरा और फैलाए.

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भारत की ताकत राष्ट्रीय एकता में निहित, विकास के लिए सामाजिक सद्भाव आवश्यक: उपराष्ट्रपति

नयी दिल्ली, 27 जनवरी (भाषा) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को जोर देकर कहा कि भारत की ताकत राष्ट्रीय एकता और समाज की...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.