चिराग पासवान से दूरी बनाने के भाजपा के प्रयासों को संशय की दृष्टि से देखने की तीसरी वजह है बिहार में एनडीए से लोजपा के बाहर निकलने के पीछे कोई ठोस कारण नहीं होना.
भारतीय अर्थव्यवस्था और व्यापार व्यवस्था कहीं ज्यादा विविधतापूर्ण है इसलिए अगर आपको भारत की क्षमता पर संदेह नहीं है, तो अभी बांग्लादेश पर दांव मत लगाइए.
सर सैयद, जिनके द्वारा स्थापित एएमयू की शतवार्षिकी मनाई जा रही है, इस बात को समझते थे कि जब तक इस्लाम भारतीय संस्कृति से एकाकार नहीं हो जाता, वो इस देश में अजनबी ही रहेगा.
मोदी-शाह की नयी राजनीति आपको कबूल है तो आपका ही भला है, नहीं कबूल है तो इस अश्वमेध के घोड़े को चुनौती देने के लिए आपको वायरल होने वाले ट्वीट्स से आगे बढ़कर कुछ करना पड़ेगा.
राष्ट्रपति ट्रंप और पूर्व उपराष्ट्रपति बाइडेन के बीच अब तक हुई एकमात्र राष्ट्रपतीय बहस में भारत का उल्लेख महज प्रसंगवश हुआ लेकिन दोनों ही उम्मीदवार बीते दिनों में मज़बूत भारत-अमेरिका संबंधों का समर्थन कर चुके हैं.
न केवल खुशबू सुंदर बल्कि भाजपा में शामिल अधिकांश नए सदस्य उन चार फैक्टर पर खरे नहीं उतरते हैं, जिन्होंने इसे संसद में दो सदस्यों वाली पार्टी से व्यावहारिक तौर पर बिना किसी प्रतिद्वंद्वी वाली सत्तारूढ़ पार्टी के मुकाम तक पहुंचाया है.
लफ़्फ़ाजियों और ‘पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशनों’ को भूल जाइए, यह समय चीन को उसकी ही चालबाजियों के मुताबिक जवाब देने का है जबकि हमारे पास उस पर हमले करने के कई मुद्दे उपलब्ध हैं.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.