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Tuesday, 24 February, 2026
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मत-विमत

सबरीमला, श्रीधरन और ईसा मसीह का उल्लेख कर रहे मोदी- केरल में वोटकटवा की छवि को तोड़ना चाहती है BJP

केरल में भाजपा स्थानीय महत्व के मुद्दों पर पर्याप्त जोर देते हुए अपने हिंदुत्व के एजेंडे पर कायम रहने की सोची-समझी रणनीति अपना रही है.

मोदी सरकार के अधिकारी की जुबान फिसली, 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करना हमेशा से एक ‘जुमला’ था

किसानों की आमदनी दोगुना करने की घोषणा के पांच सालों में इस योजना का हासिल क्या रहा? बस एयर-टाइम, टीआरपी और बीजेपी को खाते आये वोट.

जातीय चिंताएं अब असम में कोई मुद्दा नहीं रह गया, यही मोदी-शाह की जोड़ी ने राज्य में हासिल किया है

राज्य के मतदाता भी अब जातीय आग्रहों को भूल कर सड़क, विकास और धर्म तक के बारे में आम मतदाताओं की तरह बातें करने लगे हैं.

मोदी-शाह का कमेस्ट्री बनाम गणित का फॉर्मूला असम चुनाव में कितना खरा साबित होगा

केंद्र या असम की भाजपा सरकार ने हरेक व्यक्ति के जीवन को छूने की कोशिश की है, इससे मतदाताओं के साथ ‘केमिस्ट्री’ बनाने का मोदी–शाह का राजनीतिक सिद्धांत निराधार नहीं लगता फिर भी मोदी-शाह को चिंता करनी चाहिए क्योंकि चुनावी गणित सत्ताधारी दल के पक्ष में नहीं दिखता.

नीतीश कुमार बदल गए हैं, ऐसा लगता है जैसे बिहार में एक नया मुख्यमंत्री है

जो लोग अपनी युवावस्था में लोकतंत्र में विश्वास करते हैं, वे अक्सर उम्र के साथ अधिनायकवाद के समर्थकों में बदल जाते हैं. बिहार इसे देख रहा है.

हिंदुत्व का दामन थामने से केजरीवाल को कोई फायदा नहीं हुआ, यह विपक्ष के लिए एक सबक है

केजरीवाल जब तक मोदी पर हमला कर रहे थे तब तक तो भाजपा ने उन्हें कुछ नहीं किया क्योंकि वे ‘आम आदमी’ की बोली बोल रहे थे, लेकिन अब वह हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी रह सकती है.

बीते 50 सालों में भारत-बांग्लादेश ने कई मौके गंवा दिए, उसे ‘पूर्वी पाकिस्तान’ की तरह देखना हमें बंद करना होगा

बांग्लादेश विरोधी बयानबाजियां बंद कर और उनके लोगों को ‘घुसपैठिया’ करार देने से हमें बचना होगा. यह समय हमारे अपने लोगों की आर्थिक समृद्धि और भलाई के लिए उन्हें साथ लेकर चलने का है.

मजबूती के साथ लौटा है कोरोनावायरस, लेकिन अभी भी भारतीय नौकरशाही के रवैये में बदलाव नहीं

सार्स-सीओवी-2 वायरस फिर लौट आया है, और इसके कुछ वेरिएंट्स मूल वायरस से ज़्यादा संक्रामक हैं. 26 फरवरी के बाद से भारत में रोज़ाना मामले 258% बढ़े हैं, जबकि एक्टिव मामलों में 163% का इज़ाफा हुआ है.

बांग्लादेश के 50 साल- इसने कई मानकों पर कैसे भारत को पीछे छोड़ा और पाकिस्तान से अलग होने को सही साबित किया

प्रति व्यक्ति आय, वित्तीय घाटा, व्यापार संतुलन और रोजगार के इसके आंकड़े आज भारत के इन आंकड़ों से कहीं बेहतर हैं और इसे अब हेनरी किसिंजर के शब्दों में ‘बास्केट केस’ यानी नाउम्मीदी की मिशाल नहीं कहा जा सकता.

आखिरकार अब श्रीलंका पर PMO और भारतीय विदेश मंत्रालय फैसले ले रहा है, न कि तमिल पार्टियां

तमिलनाडु में आसन्न चुनावों के बावजूद भारत का यूएनएचसीआर में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव पर मतदान नहीं करना दर्शाता है कि स्थितियां बदल चुकी हैं.

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CJI सूर्यकांत सही हैं. चुनाव के दौरान सुप्रीम कोर्ट बन जाता है राजनीतिक रणभूमि, लेकिन क्यों

पिछले हफ्ते CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के कई फैसले—सबरीमला से लेकर सीएए और फ्रीबीज़ तक—आने वाले विधानसभा चुनावों में असर डालने वाले हैं.

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राजनीति

देश

विपक्ष के विधायकों ने मंत्री जिरवाल को पद से हटाने की मांग को लेकर विधान भवन में विरोध प्रदर्शन किया

मुंबई, 24 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र में विपक्षी विधायकों ने मंगलवार को विधान भवन परिसर में प्रदर्शन करते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए)...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.