कई सीमावर्ती राज्य अशांति की चपेट में हैं, चीन और पाकिस्तान इसका लाभ उठाते रहे हैं. बांग्लादेश पुराने जख्मों को कुरेद रहा है. मानो मैकबेथ’ की चुड़ैलें लड़ाई और अशांति के कढ़ाही में उबाल लाने के लिए नाच-गा रही हैं.
यह बात अक्सर ध्यान में नहीं आती, लेकिन उत्तर भारत में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भाजपा अपने दम पर सत्ता में नहीं आई है. बिहार को उत्तर प्रदेश बनाने की पार्टी की चाहत को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए.
RJD के अति पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या 13.13 प्रतिशत से घटकर 11.19 प्रतिशत हो गई है. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में पार्टी ने अति पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों में सबसे कम स्ट्राइक रेट देखा था.
सीएजी की रिपोर्टें तो अब भी आ रही हैं, लेकिन उनमें पहले जैसी धार और असर नहीं रहा. कुछ मामलों में सीएजी अब भी सख्त है, पर निशाने पर एनडीए के बाहर की पार्टियों की सरकारें हैं.
21 अक्टूबर को चर्चा उठी कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के लिए वीरता पुरस्कार पाने वालों की पूरी सूची उनके सिटेशन के साथ जारी कर दी है. मैंने सच्चाई जानने के लिए ‘एआई’ को काम पर लगाया और फिर मैं अंक कभी न खत्म होने वाले उलझे सिलसिले में फंस गया.
यह टकराव अफगानों और पाकिस्तानियों की कार्रवाई नहीं है. इसकी जो शैली है वह ठेके पर ली गई दिखती है. दूसरे देशों को इसे आवश्यक बताने के लिए टकराव बढ़ाना, जबकि काबुल को पुराने परिप्रेक्ष्य के तहत दबाकर रखना जरूरी लगता है.