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Wednesday, 25 February, 2026
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बालाकोट से पहले था बुरकी, 1965 में भारत की कम-चर्चित जीत से सबक

1965 का युद्ध जितना माना जाता है, उससे अधिक महत्वपूर्ण था. खासकर पाकिस्तान की गलतियों के कारण.

जल्दबाज़ी में लागू हुए E20 से परेशान ड्राइवर और किसान, लेकिन फायदा सिर्फ केंद्र को

ज़्यादातर पेट्रोल पंपों पर E20 और E10 लगभग एक ही दाम पर बिक रहे हैं, जिससे असल में तेल कंपनियों का मुनाफा बढ़ रहा है.

त्योहारों के मौसम में GST 2.0 की शुरुआत, नागरिकों की जेब में आएंगे ज़्यादा पैसे

नया नियम पुराने सिस्टम से काफी अलग है, जिसने अब तक घरों और छोटे कारोबारियों के लिए दिक्कतें बढ़ाई थीं.

प्रधानमंत्री मोदी अपने 12वें साल में अपने ब्रांड को कैसे फिर से स्थापित करना चाहते हैं

पवित्र लेकिन बोझिल ‘विश्वगुरु’ की छवि ट्रंप की जल्दबाजी से प्रभावित हुई है. पड़ोसी देशों में हुए घटनाक्रम भी कोई राहत नहीं देते.

अवामी लीग के लिए हसीना की नज़र राहुल-प्रियंका मॉडल पर, उनका एक और बड़ा गलत कदम

गांधी परिवार से पीढ़ीगत रिश्तों ने पूर्व बांग्लादेश पीएम को प्रभावित किया, ताकि वे भी भारत के गांधी परिवार की तरह नेतृत्व अपनी संतान को सौंपें.

जब भारत जंग में पाकिस्तान को वॉकओवर नहीं देता, तो क्रिकेट में क्यों दें?

अपने ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट का पाकिस्तान के गोल्ड मेडलिस्ट से होड़ लेने पर शांत रहने और पाकिस्तान के साथ एक सामान्य क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने पर तूफान खड़ा करने का पाखंड तीन बातें उजागर करता है.

‘सबका साथ’ या ‘पाइजान’? असम बीजेपी का एंटी-मुस्लिम वीडियो पीएम मोदी के संदेश के खिलाफ

जब असम में गैरकानूनी प्रवासियों की बात होती है, तो बीजेपी की कल्पना क्यों तुरंत मुसलमानों पर रुक जाती है? एनआरसी का डेटा तो अलग कहानी बताता है.

पाकिस्तान के साथ एशिया कप खेलना भारत का सबसे गलत फैसला था

भारतीय सरकार ने जनता का मनोबल शांत करने की कोशिश की, जैसे कि कहा ‘ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है’, लेकिन साफ है कि ऐसा नहीं है. वरना हम दुश्मन के साथ क्रिकेट क्यों खेल रहे होंगे?

भारत के बुद्धिजीवियों के साथ मुश्किल यह है कि वे तथ्यों की परवाह नहीं करते

समर्थक चाहे नेहरू के हों, आरएसएस के या गांधी के, उनकी विचार प्रक्रिया एक ही तरह से चलती है—आदतन आलोचना या अंधभक्ति.

इंग्लैंड को उस युद्ध के लिए कमर कसनी होगी जिसे टालना अब संभव नहीं है

इसमें बहुत कम शक है कि इंग्लैंड की राजनीति का बिखराव इतनी तेज़ी से हो रहा है, जिसकी उम्मीद बहुत कम लोगों ने की थी. भले ही आंकड़ें दिखाते हैं कि इमिग्रेशन घट रहा है, लेकिन इस मुद्दे पर चिंता 1974 के बाद से सबसे ऊंचे स्तर पर है.

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एक वायरल बंदर, एक IKEA का प्लश टॉय और US सुप्रीम कोर्ट का फैसला: टैरिफ के बारे में क्या बताते हैं

पंच का अपने प्लश टॉय से लगाव उसके देश से नहीं, बल्कि उससे मिलने वाले आराम से है. इसी तरह, ग्राहक जियोपॉलिटिकल लेबल से ज्यादा भरोसे और डिजाइन को प्राथमिकता देते हैं.

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राजनीति

देश

ठाणे में कूड़ा स्थल पर आग लगी; कोई हताहत नहीं

ठाणे, 25 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे शहर में एक कूड़ा स्थल में बुधवार तड़के भीषण आग लग गई। नगर निगम के अधिकारियों ने...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.