scorecardresearch
Tuesday, 17 March, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

योगी आदित्यनाथ और बाबा रामदेव की ये किताबें दर्शनशास्त्र के लायक़ क्यों नहीं हैं

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का, आदित्यनाथ और रामदेव की किताबों को दर्शन शास्त्र के कोर्स में शामिल करना एक मामूली फैसला लगता है, लेकिन एक अकादमिक दार्शनिक के नाते, ये परेशान करने वाला है.

BJP को कमजोर करने के लिए कांग्रेस को टूटना होगा, जो हिंदुत्व से जुड़ना चाहते हैं उन्हें बाहर निकलने दें

कांग्रेस पार्टी के लिए सबसे अच्छा अवसर है कि वो हिंदुत्व पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे. हिंदू राष्ट्रवाद के अलग-अलग रंगों से छेड़छाड़ जैसा कि कांग्रेस करती रहती है, बीजेपी को ही मज़बूत करेगी.

प्रशांत किशोर और पवार की लंच मीट मोदी के विपक्षियों को 2024 का स्वाद क्यों दे रहा है

‘मोदी के मुक़ाबले कौन?’ यह सवाल ऐसा है जिससे महागठबंधन-वादी कतरा नहीं सकते. जब तक वे इस सवाल का जवाब नहीं खोज लेते तब तक महागठबंधन का विचार मोदी विरोधियों के लिए एक खामखयाली ही बना रहेगा.

यूपी में BJP और योगी के लिए मुश्किल भरी हो सकती है राह, लस्त पस्त विपक्ष को पता चल गई हैं कमजोरियां

बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बजाय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जिसका मतलब है कि उनका विकास नामधारी साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण इस बार बहुत आगे जायेगा और आक्रामक रहेगा.

वैक्सीनेशन पर मोदी सरकार के ‘यू-टर्न’ का जश्न मन रहा, क्या कृषि कानूनों पर भी ऐसा कुछ होगा

क्या आम आदमी भी यह उम्मीद कर सकता है कि मोदी सरकार यू-टर्न मारते हुए महंगाई समेत अन्य 'जनविरोधी' नीतियों को पलट देगी?

असामयिक मौतों को रोकिए, कोविड से जान गंवाने वालों के परिजनों को मुआवज़ा मिलना ही चाहिए

कोविड जैसी महामारी में बड़ी संख्या में मौतों को सामान्य मौतों से अलग वर्ग में रखा जाना चाहिए. इन्हेंहवाई हादसे या औद्योगिक हादसे में हुई मौतों के समान माना जा सकता है लेकिन वैसी ही मौतों में शुमार नहीं किया जा सकता.

भारत को वैकल्पिक ऊर्जा चाहिये लेकिन वैश्विक अगुवाई के लिए अलग राह अपनाने की जरूरत: अशीष कोठारी

जो लोग मेगा ऊर्जा पार्क के लिए या खदान के विस्तार के लिए या बड़े विद्युत केंद्रों के लिए बलपूर्वक जमीनें लेने का विरोध कर रहे हैं, उनसे सख्ती से निपटा जा रहा है. उन पर विकास विरोधी होने का लेबल लगाया जा रहा है.

भारत समेत दुनियाभर के बेहतरीन दिमाग यह पता लगाने में जुटे कि कोरोनावायरस आखिर आया कहां से

यह पता लगाने के लिए दुनियाभर में चल रही कोशिशें कि महामारी के लिए जिम्मेदार वायरस आखिर आया कहां से, यह दर्शाती हैं कि विज्ञान, लोकतंत्र और जिज्ञासा समय आने पर सत्ता प्रतिष्ठान, विचारधारा और सरहदों को दरकिनार कर मिलकर के काम कर सकते हैं.

क्या देश की राजधानी की सूरत बदलने वाला है ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2041’, कितनी बदलेगी दिल्ली

क्या नई दिल्ली अपने नए लुक में आने वाली है. इसके लिए ड्राफ्ट में जनता से सलाह मांगी गई है जिसे निश्चित ही माना नहीं जाएगा.

गलवान संघर्ष के एक साल बाद, भारत इंतजार करे और देखे पर अपनी बंदूकें ताने रहने की जरूरत

इस बात की कोई संभावना नहीं है कि बीजिंग एक तय बिंदु से पीछे हटेगा और न ही नई दिल्ली ऐसा करने को तैयार होगा.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

उप्र : सपा के पूर्व विधायक विजय सिंह के घर पर विस्फोट, पांच लोग घायल

फर्रुखाबाद, 17 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के जुर्म में उम्र कैद की सजा काट...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.