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Sunday, 18 January, 2026
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क्या BJP के लिए अखिलेश यादव की ‘नई सोशल इंजीनियरिंग’ की काट खोज पाना बहुत आसान होगा?  

आजकल चुनावी सभाओं में अखिलेश यादव जाति जनगणना करवाने की बात करते नजर आतें हैं, जिस पर कांग्रेस और बीजेपी जैसे बड़े राजनीतिक दल चुप्पी साधे हुए हैं.

अर्थव्यवस्था की खातिर मोदी और RBI के लिए 2022 का मंत्र- शांति से सुधार जारी रखें

मोदी सरकार को 2022 में अर्थव्यवस्था के कई मोर्चे पर चुनौतियों और उथलपुथल का सामना करना पड़ेगा इसलिए आर्थिक सुधारों को उसे आगे बढ़ाते रहना होगा.

फौजी मामलों में भी किस तरह राजनीतिक दखल दिया जा रहा है यह CDS की नियुक्ति में देरी से जाहिर है  

सरकारी संस्थाओं पर मोदी सरकार के हमलों से भारतीय सेना भी अछूती नहीं रही है, और यह 2021 में जितनी बड़ी चुनौती थी उतनी 2022 में भी रहने वाली है.

2021 के सबक: टीवी न्यूज ने ‘अति’ की हदें पार कीं, कोविड, बंगाल चुनाव, किसान प्रदर्शन

हर मामले में हमने 2021 की घटनाओं को टीवी न्यूज चैनलों के कुटिल चश्मे से देखा, मानो ट्रुमैन का शो देख रहे हों.

अमिताभ से सलमान तक – इस 29 वर्षीय श्रीलंकाई गायिका ने 2021 में भारतीय सितारों को थिरकाया

योहानी ने हमेशा सोचा था कि एकाउंटिंग उनका प्लान बी था. लॉजिस्टिक में स्नातक और एकाउंटिंग में परास्नातक पूरा करने के बाद योहनी ने कभी नहीं सोचा था कि संगीत की तरफ जाने की राह आसान होगी.

मिशनरी ऑफ चैरिटी के पीछे पड़ी BJP-RSS, मदर टेरेसा ने प्यार का जो सागर भरा था उसे सुखाने की तैयारी

गृह मंत्रालय ने उनकी अर्जी में 'प्रतिकूल जानकारियों' के बहाने उनके एफसीआरए खाते का नवीकरण करने से मना किया मगर उन 'जानकारियों' का कोई खुलासा नहीं किया.

उत्तराखंड में SCs ने ब्राह्मण रसोइये के खाने से किया इनकार, यह अस्पृश्यता कानूनों से है अधिक प्रभावी

छात्र उससे पहले जो दलित महिला सुनीता देवी भोजन पकाती थी, उसे हटाए जाने का विरोध कर रहे थे. ऊंची जातियों के छात्रों ने सुनीता देवी का पकाया भोजन खाने से मना कर दिया था.

कोरोना के कहर से लेकर कृषि कानूनों की वापसी तक, ऐसा रहा 2021 का सफर

आइये, कामना करें कि आने वाले वर्ष 2022 में, जब कोरोना का नया वैरिएंट दुनिया की रफ्तार रोकने को उद्यत है, हमारा देश सारे अंदेशों को परे झटककर नई बुलदियां छुए.

रोजा पार्क्स की बगावत पर अमेरिकी अश्वेत उठ खड़े हुए थे और अब भारत में सुनीता देवी बोल पड़ीं

उत्तराखंड के चंपावत जिले के गांव सुखीढांग के स्कूल में अगले दिन जब नई भोजन माता मिड-डे मील बनाती हैं तो स्कूल के अनुसूचित जाति के बच्चे खाने से मना कर देते हैं. सुनीता देवी कहती हैं कि 'जब उनके हाथ से सवर्णों ने नहीं खाया तो उनके बच्चे क्यों सवर्णों के हाथ का खाएं?'

कई प्रयासों में उम्मीदवारों के कीमती साल बेकार चले जाते हैं. वही सबजेक्ट चुनें जो आपको पसंद हैं: पूर्व- UPSC अध्यक्ष

देखा गया है कि नौकरियों के इच्छुक वो उम्मीदवार, जो किन्हीं विषयों या पेशों में माहिर होते हैं, परीक्षाओं का ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ सामना करते हैं, अपेक्षाकृत उनके जो केवल प्रतियोगी परीक्षा पास करने के सहारे रहते हैं.

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पाकिस्तान से आज़ादी: भारत, आगे बढ़ो और उसे इतनी अहमियत देना बंद कीजिए

पाकिस्तान अधिकतर मामलों में भारत की बराबरी करे यह न केवल नामुमकिन है, बल्कि वह और पिछड़ता ही जाएगा. उसके नेता अपनी अवाम को अलग-अलग बोतल में सांप का तेल पेश करते रहेंगे.

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डिसकॉम ने कई वर्षों के घाटे के बाद 2024-25 में 2,701 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया

नयी दिल्ली, 18 जनवरी (भाषा) देश की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने कई वर्षों तक लगातार घाटा उठाने के बाद वित्त वर्ष 2024-25...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.