भारत में शायद ही कोई ऐसी राजनीतिक पार्टी होगी, जिसे अपने मुंह मिया मिट्ठू बनने से परहेज होगा. लेकिन उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने से पहले, कभी-कभी अपने गिरेबान में भी झांक लेना चाहिए, क्योंकि किसी दूजे पर गर्द झाड़ देना बहुत आसान होता है.
ऐसे संकेत हैं कि तालिबान के मजबूत उभार के सामने पाकिस्तानी फौज भी तालिबान के लिए काम करने वाले जिहादी गिरोहों से या तो मुक़ाबला करने में नाकाम रहेगी या पीछे हट जाएगी
मोदी सरकार जानती है कि वह सार्क सम्मेलन को हमेशा के लिए नहीं टाल सकती. एक समय आएगा जब‘सीमा पार से आतंकवाद रोको वरना कोई बातचीत नहीं’ वाली शर्त की रणनीति लाभकारी नहीं रह जाएगी, उलटे नुकसान भी दे सकती है.
प्रधानमंत्री बनने के बाद लालबहादुर शास्त्री ने कुछ दिनों तक महत्पूर्ण विदेश मंत्रालय भी अपने पास रखा था और जीवन के इनमें से किसी भी मोड़ पर उन्होंने अपने नैतिक मूल्यों को कतई मलिन नहीं होने दिया था.
ऐसी स्थिति में हमें ध्यान रखना होगा कि लिंचिंग जैसे अपराध का संबंध किसी धर्म, जाति या समुदाय से नहीं है और इन घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इन्हें सांप्रदायिक और राजनीतिक रंग देने से बचने की जरूरत है.
इटैलियन आर्कियोलॉजिस्ट लॉरा गिउलियानो की क्यूरेशन भारत, पाकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान, ईरान और इटली के आपस में जुड़े इतिहास को एक साथ लाती है, ऐसे समय में जब इस ज्ञान को जानबूझकर भुलाया जा रहा है.