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Saturday, 28 March, 2026
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रोजगार का अधिकार हासिल करने के लिए आंदोलन जरूरी है

सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार, 6 करोड़ भारतीयों ने काम की तलाश बंद कर दी है क्योंकि उन्हें कोई अवसर नजर आ नहीं रहा है. यह एक बुरी खबर है.

ट्विटर एक शोरशराबे वाले मंच से ज्यादा कुछ नहीं, बीजेपी ये अच्छे से जानती है लेकिन पत्रकार नहीं

ट्विटर के मामले में पत्रकार कांग्रेस जैसे ही हैं, हम झगड़ों और ट्रोल को असली राजनीति मान लेने की गलती कर बैठते हैं.

रक्षा PRO’S का कदम अच्छा संकेत नहीं, सेना के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को दक्षिणपंथियों से बचाना जरूरी

जम्मू रक्षा पीआरओ की हरकत पर कोई कार्रवाई न करना सिर्फ कायरता नहीं, बल्कि यह भी जाहिर करता है कि सशस्त्र बलों का भी तेजी से राजनीतिकरण हो रहा है.

‘खून के धब्बे धुलेंगे कितनी बरसातों के बाद’- राजनीतिक सत्ता में बैठे हुक्मरानों को फैज़ से डर क्यों

अभी तीन साल पहले 2019 में नरेंद्र मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून बनाकर देशवासियों का विरोध मोल लिया और उसके खिलाफ जगह-जगह विरोध प्रदर्शन व आन्दोलन शुरू हो गये, तो फैज की प्रसिद्ध नज्म ‘हम देखेंगे’ उनका सबसे प्रिय हथियार बन गई.

इमरान के रूप में जो प्रयोग किया गया वह नाकाम रहा, अब बाजवा को फौज के भीतर से ही चुनौती मिल सकती है

पाकिस्तान में अब तक जो सरकारें बर्खास्त की गईं उन्हें भ्रष्ट बताकर कोसा जाता रहा है लेकिन इस बार मामला ज्यादा गंभीर है क्योंकि इमरान जो कचरा छोड़ गए हैं उसे साफ करना मुश्किल है.

भारतीय सेना का बहुसंस्कृतिवाद हमेशा एक मुद्दा रहा है, सेना के इफ्तार ट्वीट पर विवाद क्यों एक चेतावनी है

सेना हमेशा अपने सैनिकों की धार्मिक परंपराओं का सम्मान करने पर गर्व करती रही है लेकिन सांप्रदायिक पूर्वाग्रह एक नए खतरनाक मोड़ पर पहुंचने लगा है.

वह दिन दूर नहीं जब नदियों और समुद्र में मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक तैरता नजर आएगा

2050 तक 821 मिलियन मेट्रिक टन प्लास्टिक कचरा नदी और समुद्रों में जमा हो जाएगा और 850 मेट्रिक टन माइक्रोप्लास्टिक हमारी नालियों, नदियों और समुद्र में घुल जाएगा. यानी मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक तैरता नजर आएगा.

चीनी खतरा यह इंतजार नहीं करेगा कि भारत बेहतर टेक्नोलॉजी हासिल करे, इसलिए सेना अपनी बुद्धि का प्रयोग करे

इस खतरे का जवाब सामरिक नीति है और टेक्नोलॉजी में श्रेष्ठता का मुक़ाबला बुद्धि की ताकत से किया जा सकता है इसलिए नए सीडीएस को काफी वैचारिक मंथन करना पड़ेगा.

आखिर क्यों चली है `फ़ैज़’ की कविता को लोकतंत्र के पाठ से बाहर करने की रस्म

सरकार को अगर जन-आंदोलन और आंदोलनकारियों से परहेज है तो फिर शिक्षा का सरकारी बोर्ड अपनी सरकार-भक्ति दिखाते हुए ऐसे पाठ पढ़ाने के जतन करेगा ही कि छात्र आंदोलनकारी ना बन जायें.

मोदी के भारत में मुसलमानों के साथ जो हो रहा है वह मनोवैज्ञानिक ‘आतंकवाद’ से कम नहीं है

भाजपा के मंत्री जब ईसाई समुदाय पर जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप लगाते हैं तो प्रधानमंत्री मोदी पोप से जाकर मिल आते हैं और ऐसी आवाजें चुप हो जाती हैं, मगर मुसलमान इतने खुशकिस्मत नहीं हैं. 

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दिल्ली पुलिस ने पार्टी के ‘टिकट के लिए पैसे की मांग’ के प्रकरण में प्राथमिकी दर्ज की

नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने टिकट दिलवाने के बदले पैसे की मांग करने के आरोप में कांग्रेस से जुड़े कुछ लोगों...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.