scorecardresearch
Saturday, 28 March, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

पाकिस्तान क्या इजराइल को नजरअंदाज कर सकता है? कुछ बदल रहा है-सऊदी रिश्ते, अब्राहम करार, मौके पर 1 पत्रकार

यहूदी देश से रिश्ते खोलने के लिए कई अनौपचारिक पाकिस्तानी कोशिशें तो हुई हैं, इसके बावजूद कोई पाकिस्तान हुकूमत यह एहसास करने की बहादुरी नहीं दिखा पाई कि दुनिया बदल रही है.

सूफीवाद शांतिपूर्ण इस्लामी संप्रदाय नहीं है जैसा आपको लगता है, यह भी तलवार की आड़ लेकर बढ़ा है

सूफी परम्परा के खलीफा का सिलसिला अली से जाकर मिलता है फिर अली से मुहम्मद में मिल जाता है. सूफीवाद में अली को इस्लाम का पहला खलीफा माना जाता है.

मोदी के 8 साल ने दिखाया, शासन की नयी शैली क्या होती है और सियासी छवि कैसे गढ़ी जाती है

बहुसंख्यकों की भावनाओं के बूते चुनावी जीत हासिल करके भाजपा सरकार ने अपने रिपोर्ट-कार्ड पर टांक लिये सलमे-सितारे, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उभरे मार्केटिंग के महारथी .

जेल की सलाखों के पीछे यासीन मलिक और दशकों पुरानी शांति पहल, क्या है दिल्ली का नया रोडमैप

मनमोहन सिंह ने 2014 में अपने गुप्त दूत की पाकिस्तान से बातचीत के अहस्ताक्षरित ब्यौरे चुपचाप नरेंद्र मोदी को सौंप दिया, मगर हम फिर उसी दोराहे पर खड़े

क्वाड इंडो-पैसिफिक में अवैध फिशिंग को रोकना चाहता है, लेकिन जाल वास्तव में एक शार्क के लिए है

इन अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने को क्वाड ने अपने एजेंडा में शामिल तो किया है मगर उसे पूरा करना मुश्किल दिखता है.

क्या SP आजमगढ़ और रामपुर सीटों के लोकसभा उपचुनावों में अपनी प्रतिष्ठा बचा पाएगी

रामपुर लोकसभा सीट की बात करें तो सपा के आजम खां ने 2022 में इस पर भाजपा की जया प्रदा को 1,09,997 वोटों से हराया था. आजम को 5,59,177 तो जया प्रदा को 4,48,630 वोट मिले थे.

पुलिस में महिलाओं को सिर्फ ‘पिंक स्क्वाड्स’ तक ही सीमित न रखें, वर्दी का बेहतर इस्तेमाल हो

वर्दी में महिलाओं के प्रति आकर्षण कुछ जाहिर करने के बदले छुपाता ज्यादा है, महिला कांस्टेबल को अपने पुरुष साथियों जैसे अधिकार हासिल नहीं हैं.

रूस-चीन के बॉम्बर्स उड़ान भर रहे, क्वाड में एक-दूसरे के लिए काम करना होगा वरना कुछ हासिल नहीं होगा

अगर क्वाड के कर्ताधर्ता ‘मानकों’ और ‘खुलेपन’ को जमीन पर नहीं उतारते तो उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा. और तब क्वाड रेत पर उकेरी गईं ज्यामितीय रेखाओं की तरह बनकर रह जाएगा.

आर्थिक अव्यवस्था भारत की एक सच्चाई है लेकिन यह एक अवसर भी है

चीन की सुपर ग्रोथ की कहानी का उपसंहार मुमकिन है, जिसका फायदा भारत उठा सकता है लेकिन उसे समझना पड़ेगा कि व्यवस्थागत अव्यवस्था एक बड़ी हकीकत है जिसे कबूल करना ही पड़ेगा.

यूक्रेन को हार मानने की सलाह देने वाले जरा इस काल्पनिक युद्ध के खेल को खेलकर देखें

विश्व व्यवस्था बदल रही है और हर देश भारत को खुश करने में जुटा है जिसके कारण अब तक तो भारत के लिए अकल्पनीय आर्थिक, रणनीतिक और सैन्य संभावनाएं उभरती रही हैं, अब भारत के ऊपर है कि वह इनका कैसे लाभ उठाता है.

मत-विमत

खाड़ी युद्ध ने भारत की कमजोरियां उजागर कीं, अब राष्ट्रीय हित में आत्ममंथन का वक्त है

सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.

वीडियो

राजनीति

देश

चुनाव अधिकारी केरल सरकार के साथ मिलकर चुनाव प्रक्रिया को कमजोर करने की साजिश रच रहे: भाजपा

तिरुवनंतपुरम, 28 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) केरल इकाई के महासचिव एस. सुरेश ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य के मुख्य...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.