यहूदी देश से रिश्ते खोलने के लिए कई अनौपचारिक पाकिस्तानी कोशिशें तो हुई हैं, इसके बावजूद कोई पाकिस्तान हुकूमत यह एहसास करने की बहादुरी नहीं दिखा पाई कि दुनिया बदल रही है.
बहुसंख्यकों की भावनाओं के बूते चुनावी जीत हासिल करके भाजपा सरकार ने अपने रिपोर्ट-कार्ड पर टांक लिये सलमे-सितारे, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उभरे मार्केटिंग के महारथी .
रामपुर लोकसभा सीट की बात करें तो सपा के आजम खां ने 2022 में इस पर भाजपा की जया प्रदा को 1,09,997 वोटों से हराया था. आजम को 5,59,177 तो जया प्रदा को 4,48,630 वोट मिले थे.
अगर क्वाड के कर्ताधर्ता ‘मानकों’ और ‘खुलेपन’ को जमीन पर नहीं उतारते तो उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा. और तब क्वाड रेत पर उकेरी गईं ज्यामितीय रेखाओं की तरह बनकर रह जाएगा.
चीन की सुपर ग्रोथ की कहानी का उपसंहार मुमकिन है, जिसका फायदा भारत उठा सकता है लेकिन उसे समझना पड़ेगा कि व्यवस्थागत अव्यवस्था एक बड़ी हकीकत है जिसे कबूल करना ही पड़ेगा.
विश्व व्यवस्था बदल रही है और हर देश भारत को खुश करने में जुटा है जिसके कारण अब तक तो भारत के लिए अकल्पनीय आर्थिक, रणनीतिक और सैन्य संभावनाएं उभरती रही हैं, अब भारत के ऊपर है कि वह इनका कैसे लाभ उठाता है.
सरकार कड़वा सच क्यों नहीं बोल सकती, इसे समझना बहुत आसान है. तमाम युद्धों की तरह यह युद्ध भी जब रुक जाएगा तब भी भारत के हित विजेता के साथ भी जुड़े होंगे और हारने वालों के साथ भी.